सुल्तानपुर: मूर्ति विसर्जन में शोर मचाने वाले 10 डीजे ऑपरेटरों पर पुलिस का एक्शन, FIR दर्ज
सुल्तानपुर पुलिस ने मूर्ति विसर्जन के दौरान ध्वनि प्रदूषण के नियमों को तोड़ने वाले 10 डीजे ऑपरेटरों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में मूर्ति विसर्जन के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले डीजे संचालकों पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। कुड़वार थाना क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन करने के आरोप में 10 डीजे ऑपरेटरों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब विसर्जन जुलूसों के दौरान डीजे संचालकों ने पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए कानफोड़ू संगीत बजाना जारी रखा।
जानकारी के मुताबिक, विसर्जन processions के दौरान डीजे संचालकों के बीच एक तरह की 'प्रतियोगिता' चल रही थी, जिसमें एक-दूसरे से ज्यादा तेज आवाज में संगीत बजाया जा रहा था। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन करने और आवाज कम करने के निर्देश दिए, लेकिन संचालकों ने इसे अनसुना कर दिया। इसके बाद सब-इंस्पेक्टर अंबरीश पाठक की औपचारिक शिकायत पर यह कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
पुलिस ने इन संचालकों के खिलाफ प्रदूषण और सार्वजनिक उपद्रव (public nuisance) से संबंधित गंभीर कानूनी धाराएं लगाई हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार और इलाहाबाद हाईकोर्ट के उन निर्देशों के तहत उठाया गया है, जिनमें ध्वनि नियंत्रण नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है ताकि आम जनता को असुविधा न हो और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की पैनी नजर रही। डीआईजी सोमेन वर्मा, डीएम इंद्रजीत सिंह और एसपी विनीत जायसवाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने कुड़वार क्षेत्र की निगरानी की और डीजे प्रतियोगिताओं के बढ़ते चलन पर लगाम लगाने के निर्देश दिए। हालांकि, पुलिस की देखरेख में गुरुवार तड़के तक 36 मूर्तियों का विसर्जन शांतिपूर्वक संपन्न हो गया, लेकिन नियमों को ताक पर रखने वाले संचालकों को अब कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।