पंजाब चुनाव से पहले सुखबीर बादल को बड़ी मजबूती, BKU कादियान ने दिया खुला समर्थन
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बीकेयू कादियान ने शिरोमणि अकाली दल को दिया खुला समर्थन। सुखबीर बादल ने इसे पार्टी के लिए बड़ी जीत बताया।

पंजाब विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज होते ही राजनीतिक समीकरण बदलने लगे हैं। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जब भारतीय किसान यूनियन (BKU) कादियान ने आगामी चुनावों के लिए पार्टी को अपना बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस समर्थन का स्वागत करते हुए इसे शिरोमणि अकाली दल के लिए एक 'मेजर बूस्ट' करार दिया है।
सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए बीकेयू के अध्यक्ष एस हरमीत सिंह कादियान और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसान यूनियन का यह भरोसा दर्शाता है कि शिरोमणि अकाली दल ही वह एकमात्र क्षेत्रीय ताकत है, जो हमेशा से किसानों और ग्रामीण मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए खड़ी रही है। बादल ने अन्य किसान और मजदूर यूनियनों से भी अपील की कि वे पार्टी को मजबूत करें ताकि खेती को एक लाभदायक पेशे में बदला जा सके और किसानों की सभी लंबित समस्याओं का समाधान किया जा सके।
जमीनी पकड़ और राजनीतिक वार-पलटवार
इस गठबंधन पर खुशी जताते हुए वरिष्ठ अकाली नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि बीकेयू कादियान एक ऐसा संगठन है जिसकी जमीनी पकड़ बहुत मजबूत है। पंजाब की अर्थव्यवस्था पूरी तरह खेती पर टिकी है, ऐसे में जब एक शक्तिशाली किसान संगठन अकाली दल पर भरोसा जताता है, तो यह पार्टी के लिए गर्व की बात है। चीमा के मुताबिक, इस समर्थन से 2027 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की स्थिति काफी मजबूत होगी।
दूसरी ओर, सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने AAP द्वारा जारी 40 उम्मीदवारों की पहली सूची की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी ने 'खालसा पंथ' की भावनाओं का अपमान किया है। बादल ने सवाल उठाया कि AAP ने मनविंदर सिंह गियासपुरा जैसे व्यक्ति को टिकट क्यों दिया, जिन्हें श्री अकाल तख्त साहिब ने 'तनखैया' घोषित किया था। साथ ही, उन्होंने लुधियाना वेस्ट से संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार बनाने पर भी आपत्ति जताई, क्योंकि अरोड़ा वर्तमान में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में जेल में हैं।
सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में लिप्त और विवादित लोगों को टिकट देना यह संकेत है कि आम आदमी पार्टी अगले पांच साल पहले से भी बदतर शासन चलाने की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि AAP की इस पहली सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान, स्पीकर कुलतार सिंह संधवान और कई अन्य मंत्रियों के नाम शामिल हैं।