गोंडा: छात्रा पिंकी कुमारी ने संभाली थाने की कमान, बनीं एक दिन की एसएचओ

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में महिला सशक्तिकरण की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली। 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी विद्यालय, तरबगंज की छात्रा पिंकी कुमारी को एक दिन के लिए तरबगंज पुलिस स्टेशन का स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) नियुक्त किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की शक्ति को विकसित करना था, ताकि वे भविष्य में निडर होकर समाज में अपनी पहचान बना सकें।
एसएचओ की कुर्सी संभालते ही पिंकी कुमारी ने पुलिसिया कामकाज की बारीकियों को समझा। उन्होंने थाने में आने वाले फरियादियों की शिकायतें सुनीं और पुलिस की कार्यप्रणाली का करीब से अवलोकन किया। इस अनुभव ने न केवल उन्हें पुलिस प्रशासन के काम करने के तरीके से रूबरू कराया, बल्कि उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास भी भरा।
महिला सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता पर दिया गया जोर
इस विशेष कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को केवल पुलिस कामकाज ही नहीं सिखाया गया, बल्कि उन्हें सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं के बारे में भी जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने छात्राओं को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहने के टिप्स दिए। उन्हें आपातकालीन स्थितियों में काम आने वाले महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं:
- 1090: महिला हेल्पलाइन
- 1076: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
- 112: आपातकालीन पुलिस सहायता
- 1930: साइबर क्राइम हेल्पलाइन
इसके साथ ही, आज के डिजिटल दौर को देखते हुए छात्राओं को साइबर सुरक्षा के बारे में भी विस्तार से बताया गया। उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और अपने डिजिटल अकाउंट्स की जानकारी गोपनीय रखने के तरीके सिखाए गए। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे अपनी शिक्षा और करियर पर ध्यान दें, आत्मनिर्भर बनें और किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ बिना डरे आवाज उठाएं।
इस अवसर पर स्कूल की वार्डन आशा पांडे और अन्य शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में तरबगंज पुलिस स्टेशन की मिशन शक्ति और एंटी-रोमियो टीम का अहम योगदान रहा, जिसमें सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह, महिला सब-इंस्पेक्टर कल्पना श्रीवास्तव, महिला कांस्टेबल आकांक्षा दीक्षित समेत रोमिल अवस्थी, जयदीप यादव और दिवाकर मिश्रा जैसे पुलिसकर्मी शामिल थे।