प्रयागराज: TGT-PGT अभ्यर्थियों के समर्थन में उतरे सपा नेता, भर्ती नियमों में बदलाव की मांग
प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती नियमों में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे सपा नेता, समर्थन का दिया भरोसा।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती के नियमों को लेकर मचा घमासान अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। भर्ती नियमों में संशोधन की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता उतर आए हैं। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल और नवनिर्वाचित स्नातक एमएलसी मान सिंह यादव ने प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचकर उन्हें अपना पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया है।
यह पूरा मामला भर्ती के पुराने नियमों को बहाल करने की मांग से जुड़ा है। 26 और 27 अक्टूबर के आसपास इस आंदोलन ने जोर पकड़ा, जिसके बाद बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र सड़कों पर उतर आए। 27 अक्टूबर को करीब 300 अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों की स्पष्ट मांग है कि वर्तमान विज्ञापन में बदलाव किया जाए और भर्ती प्रक्रिया को पुराने नियमों के तहत ही पूरा किया जाए।
निदेशालय पर भारी पुलिस बल की तैनाती, गतिरोध बरकरार
जैसे ही छात्रों की भीड़ शिक्षा निदेशालय की ओर बढ़ी, प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने निदेशालय के गेटों को ब्लॉक कर दिया और यातायात के मार्ग बदल दिए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच गहमागहमी की स्थिति बनी रही, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
अभ्यर्थियों ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि जब तक विज्ञापन में उनके पक्ष में बदलाव नहीं किए जाते, वे प्रदर्शन स्थल से नहीं हटेंगे। दूसरी ओर, सरकार का तर्क है कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को NCTE (नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप रखना अनिवार्य है।
छात्र प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र होगा। फिलहाल, सपा नेताओं के समर्थन के बाद इस मुद्दे पर सरकार का दबाव बढ़ने की संभावना है, क्योंकि अब यह केवल छात्रों की मांग न रहकर एक राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।