सिस्वा में सपा की बड़ी तैयारी: सुशील तिबरेवाल के लिए अखिलेश यादव ने रवाना किए प्रचार रथ

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। इसी सिलसिले में समाजवादी पार्टी ने महाराजगंज जिले की सिस्वा विधानसभा सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कमर कस ली है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुशील तिबरेवाल के लिए दो विशेष प्रचार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है, जो अब सीधे जनता के बीच जाएंगे।
इन रथों को खास तौर पर आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इनमें से एक रथ में एलईडी स्क्रीन लगाई गई है, जिसके जरिए पार्टी के संदेश और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, दूसरा रथ सुशील तिबरेवाल को सीधे मतदाताओं से रूबरू कराने और उनके बीच संवाद स्थापित करने के लिए डिजाइन किया गया है। पार्टी का मकसद सिस्वा की गलियों और गांवों तक पहुंचकर लोगों को अपनी विचारधारा से जोड़ना है।
PDA रणनीति और 'जन-मन का घोषणापत्र'
समाजवादी पार्टी इस समय अपनी 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति पर पूरा जोर दे रही है। पार्टी का मानना है कि इसी समीकरण के जरिए वह राज्य में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है। इसके साथ ही, 26 नवंबर को संविधान दिवस के आसपास पार्टी अपना 'जन-मन का घोषणापत्र' भी जारी करने की तैयारी में है, जिसमें आम जनता की समस्याओं का समाधान पेश किया जाएगा।
सिस्वा क्षेत्र में बेरोजगारी, बुनियादी ढांचा, बिजली और पानी जैसी बुनियादी समस्याएं चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं, जिन्हें सपा अपने प्रचार का मुख्य मुद्दा बना रही है। अखिलेश यादव ने हाल के दिनों में भाजपा के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है और आगामी राजनीतिक लड़ाई को राज्य से 'राजनीतिक बुराई' को खत्म करने के अभियान के रूप में पेश किया है।
हालांकि, सपा की इस सक्रियता के बीच विपक्षी खेमा भी सतर्क है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सपा की रणनीति पर सवाल उठाए हैं और खासतौर पर आजमगढ़ में होने वाली आगामी रैली को लेकर चुनौती दी है। दूसरी ओर, स्थानीय प्रशासन ने भी चुनावी ढांचे को देखते हुए मतदान केंद्रों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।