अमेठी: सपा के तीन बागी विधायकों ने थामा भाजपा का दामन, 2027 चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर

Shubham Singh14 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
अमेठी: सपा के तीन बागी विधायकों ने थामा भाजपा का दामन, 2027 चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। समाजवादी पार्टी (सपा) के तीन बागी विधायकों—राकेश प्रताप सिंह, अभाय सिंह और विनोद चतुर्वेदी—ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अमेठी में आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली।

गौरीगंज में आयोजित एक भव्य समारोह में इन नेताओं का स्वागत किया गया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी मौजूद रहीं। खास बात यह रही कि इन विधायकों ने पहले पार्टी की टोल-फ्री लाइन के जरिए प्राथमिक सदस्यता ली और उसके बाद पारंपरिक तरीके से पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया गया।

राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ी थी दूरियां

बता दें कि ये तीनों विधायक जून 2025 में ही समाजवादी पार्टी से निष्कासित कर दिए गए थे। इसका मुख्य कारण 2024 के राज्यसभा चुनावों के दौरान भाजपा के पक्ष में मतदान करना था। शामिल होने वाले नेताओं में गौरीगंज से तीन बार विधायक रहे राकेश प्रताप सिंह, गोसाईंगंज के विधायक अभय सिंह और जालौन के कालपी से विधायक विनोद चतुर्वेदी शामिल हैं।

पार्टी में शामिल होने के बाद राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों ने उन्हें प्रभावित किया। साथ ही उन्होंने रामचरितमानस जैसे सांस्कृतिक मुद्दों पर सपा के रुख पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की।

कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इन नेताओं के जमीनी अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि यह बदलाव सपा के भीतर जाति आधारित राजनीति और तुष्टीकरण के प्रति बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। वहीं, स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वहां का नेतृत्व चुनाव आयोग को कमजोर करने और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने इन इस्तीफों पर बेबाकी से प्रतिक्रिया दी है। सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने इन नेताओं के जाने को कोई बड़ा नुकसान नहीं बताया और उनकी तुलना 'अपेंडिक्स' से करते हुए कहा कि जब यह समस्या पैदा करता है, तो इसे निकाल देना ही बेहतर होता है।

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