रसूलबाद में सपा का जोरदार प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

कानपुर देहात के रसूलबाद में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए एक बड़ा प्रदर्शन किया। 8 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। दरअसल, पार्टी ने एक विरोध मार्च निकालने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलने के कारण कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर पार्क में एकत्र होकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए। जिला प्रभारी डॉ. नरेंद्र यादव ने दावा किया कि चुनावी रोल से लगभग 55,000 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जो सीधे तौर पर मतदाताओं के दमन की कोशिश है। वहीं, पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया ने जिला अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक सख्ती और राजनीतिक तनाव
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और पुलिस बल पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। जिला अध्यक्ष बबलू राजा के नेतृत्व में सपा नेताओं ने तहसीलदार पंकज उपाध्याय के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि यह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी आंदोलन का हिस्सा है।
क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है। इससे पहले 4 अक्टूबर को माटी मुख्यालय पर भी सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान हाजी फैजान खान और हिम्मत सिंह यादव जैसे नेताओं को पुलिस निगरानी में रखा गया, जबकि सपा नेता नीलम कठेरिया को माटी मुख्यालय जाते समय रसूलबाद क्रॉसिंग पर ही रोक दिया गया था।
बता दें कि यह पूरा घटनाक्रम उस समय और तेज हो गया जब 6 अक्टूबर को दिल्ली में अखिलेश यादव को हिरासत में लिया गया और राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन को नजरबंद किया गया। इन घटनाओं ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के गुस्से को और बढ़ा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप अब चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ी जा रही है।