प्रतापगढ़: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सपा का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस के साथ हुई झड़प

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में सोमवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 'लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ' अभियान के तहत आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है।
जानकारी के मुताबिक, सपा कार्यकर्ता मीराभवन स्थित पार्टी कार्यालय से मार्च करते हुए अंबेडकर चौक पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था, लेकिन प्रदर्शनकारी पुतला जलाने में कामयाब रहे। जब पुलिसकर्मियों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, तो मामला गरमा गया और प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच शारीरिक झड़प शुरू हो गई। इस हंगामे में पूर्व विधायक राम शिरोमणि शुक्ला और जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी को चोटें आई हैं।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप और पुलिसिया कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में उपद्रव का आरोप लगाते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों में सपा पिछड़ा वर्ग सेल के विश्वानाथगंज विधानसभा अध्यक्ष राम खेलवन यादव, बूथ अध्यक्ष चंद्रशेखर पाल और अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद यादव शामिल हैं।
सपा और कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों का आरोप है कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में भारी अनियमितताएं हुई हैं, जिसे लेकर वे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। सपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि उनका यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते।
हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2018 में यह कहा था कि किसी जीवित व्यक्ति का पुतला जलाना प्रथम दृष्टया आपराधिक अपराध नहीं है, लेकिन पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सार्वजनिक रास्ते को बाधित करने के आधार पर कार्रवाई की है।