आगरा में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सपा का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस से हुई तीखी झड़प

आगरा में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सपा का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस से हुई तीखी झड़प

उत्तर प्रदेश के आगरा में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 'संविधान बचाओ, देश बचाओ' के नारों के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर अपना आक्रोश जताया। यह प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर किया गया, जिसने शहर के बीच बाजार में हंगामे की स्थिति पैदा कर दी।

प्रदर्शन की शुरुआत सुभाष पार्क से हुई, जहां से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर कूच कर रहे थे। हालांकि, आगरा पुलिस ने इस मार्च को रोकने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को बीच में ही इंटरसेप्ट कर लिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और सपा कार्यकर्ताओं के बीच काफी तीखी बहस हुई। माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस के अवरोधों को पार करते हुए कुछ कार्यकर्ता एमजी रोड के रास्ते कलेक्ट्रेट तक पहुंचने में कामयाब रहे।

विवाद की जड़ और राजनीतिक टकराव

यह विरोध प्रदर्शन इंडिया गठबंधन और समाजवादी पार्टी द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर CEC ज्ञानेश कुमार को चुनौती देते हुए उत्तर प्रदेश में फॉर्म-7 के जरिए फर्जी तरीके से मतदाता नाम हटाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

तनाव केवल इस प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। इससे पहले 7 अक्टूबर को भी आगरा में सपा कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाने की कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस के साथ उनकी हिंसक झड़प हुई थी। सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो भी वायरल हुए हैं जिनमें पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किए जाने का दावा किया गया है।

बढ़ते विरोध और सुरक्षा खतरों को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उन्हें Z+ सुरक्षा प्रदान की गई है। उनके निवास और कार्यालयों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदाता सूची के संशोधन से जुड़े सभी फैसले तीन सदस्यीय पैनल द्वारा सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। वहीं, विपक्षी नेताओं का कहना है कि जनता के बढ़ते आक्रोश के कारण ही अधिकारी अपनी आधिकारिक यात्राओं में देरी कर रहे हैं।

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