सपा सरकार बनी तो 24 घंटे में होगा गन्ना भुगतान, सांसद हरेंद्र मलिक का बड़ा वादा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए समाजवादी पार्टी ने एक बड़ा दांव खेला है। मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक ने ऐलान किया है कि यदि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो गन्ना किसानों को उनकी फसल का भुगतान महज 24 घंटे के भीतर कर दिया जाएगा। मलिक ने भरोसा जताया कि पश्चिमी यूपी के इलाके में सपा को बड़ी चुनावी सफलता मिलने वाली है।
यह वादा दरअसल सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसे उन्होंने पहले ही सार्वजनिक कर दिया है। अखिलेश यादव ने प्रस्ताव दिया है कि किसानों की सुविधा के लिए 15,000 करोड़ रुपये का 'फार्मर रिवॉल्विंग फंड' बनाया जाएगा। इस फंड का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जैसे ही किसान की पर्ची कटे, उसे तुरंत भुगतान मिल जाए और उसे लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य की सरकार में मुफ्त इलाज देने का वादा भी दोहराया है।
चीनी मिलों की स्थिति और सरकारी आंकड़े
एक तरफ जहां राजनीतिक वादे हो रहे हैं, वहीं राज्य के चीनी क्षेत्र के ताजा आंकड़े कुछ और कहानी बयां करते हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 2025-26 के पेराई सीजन के लिए उत्तर प्रदेश की 102 चीनी मिलों ने 17 सितंबर 2026 तक अपना 100% बकाया चुका दिया है। अब तक कुल भुगतान लगभग 94.86% हो चुका है, जो कि 3.25 लाख करोड़ रुपये के करीब है।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने 2026-27 के चीनी सीजन के लिए उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है। अब किसानों की नजरें योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा तय किए जाने वाले राज्य सरकार के घोषित मूल्य (SAP) पर टिकी हैं।
बकाया राशि पर ब्याज और कोर्ट के आदेशों को लेकर चल रही बहस के बीच, केंद्र सरकार ने 14 अक्टूबर 2026 को एक समिति का गठन भी किया है। यह समिति चीनी की न्यूनतम बिक्री कीमत में बदलाव और अधिक भुगतान की मांगों की समीक्षा करेगी। ऐसे माहौल में सपा का 24 घंटे में भुगतान का वादा किसानों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।