वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप: सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने सरकार को घेरा

वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप: सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने सरकार को घेरा

समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने राज्य की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और अनियमितताओं का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला तब सामने आया जब पाल बलिया पहुंचे थे। दरअसल, वह पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करने और उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने बलिया गए थे। इस मौके पर उन्होंने न केवल दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी, बल्कि वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर तीखे सवाल भी खड़े किए।

श्याम लाल पाल ने राम गोविंद चौधरी को शोषितों और वंचितों की आवाज बताया और कहा कि उनका जाना राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने जोर दिया कि समाजवादी पार्टी दिवंगत नेता के समानता और भाईचारे के विजन को आगे बढ़ाती रहेगी, क्योंकि आज के राजनीतिक माहौल में सामाजिक न्याय की भारी कमी है।

वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का लगाया गंभीर आरोप

सरकार पर हमला बोलते हुए सपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सामंती और पूंजीवादी सोच के साथ काम कर रही है, जिसका मकसद लोकतांत्रिक प्रणालियों और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना है। उन्होंने विशेष रूप से वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण (रिवीजन) की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

पाल का दावा है कि एक सुनियोजित तरीके से गरीब और वंचित वर्ग के मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से ही फर्जी 'फॉर्म 7' छपवाकर बीएलओ (BLO) को दिए गए थे, ताकि गरीब वोटरों के नाम काटे जा सकें। हालांकि, उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की सतर्कता के कारण इस मामले को जिला मजिस्ट्रेट और मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचाया गया, जिससे इस हेरफेर पर लगाम लगी।

इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब 'फॉर्म 6' के जरिए बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लोगों को स्थानीय वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश की जा रही है, ताकि एक ही व्यक्ति का नाम कई जगहों पर दर्ज हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यकर्ता बूथ स्तर पर पूरी निगरानी रख रहे हैं ताकि ऐसी गतिविधियों को रोका जा सके।

चुनाव आयोग की भूमिका पर बात करते हुए श्याम लाल पाल ने कहा कि लोकतंत्र की उत्तरजीविता इस बात पर निर्भर करती है कि चुनाव, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष हो। उन्होंने चेतावनी दी कि वर्तमान में सत्ताधारी शक्तियों द्वारा भारतीय संविधान और लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है, जबकि वास्तव में गरीबों, किसानों, व्यापारियों और महिलाओं को ही संवैधानिक सुरक्षा की सबसे ज्यादा जरूरत है।

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