'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में भ्रष्टाचार का आरोप, सपा सांसद ने सरकार को घेरा

उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान पर अब विवाद के बादल मंडराने लगे हैं। समाजवादी पार्टी के सांसद जितेंद्र डोहरे ने इस मुहिम में भारी भ्रष्टाचार और सरकारी लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला तब गरमाया जब एटा में इस अभियान के तहत लगाए गए बड़ी संख्या में पौधे सूखे हुए पाए गए।
सांसद जितेंद्र डोहरे ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल पौधे लगा देना ही काफी नहीं होता, बल्कि उनकी देखभाल और सुरक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर तरफ हरियाली बढ़ाने के दावे तो कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। पौधों का सूखना यह दर्शाता है कि इस योजना के क्रियान्वयन में कितनी बड़ी लापरवाही बरती गई है।
फंड के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
जितेंद्र डोहरे ने इस अभियान में खर्च किए गए सरकारी धन के उपयोग पर भी कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए पूछा कि वृक्षारोपण के नाम पर कितना बजट खर्च किया गया और उन पौधों की देखरेख के लिए क्या सिस्टम बनाया गया था?
सांसद ने जोर देकर कहा कि जब लगाए गए पौधों का रखरखाव ही नहीं हो पा रहा, तो पर्यावरण संरक्षण के ये दावे खोखले नजर आते हैं। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जवाबदेही तय की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल हुआ है या नहीं।