पश्चिमी यूपी में सपा का बड़ा दांव, दो दिग्गज पूर्व मंत्री होंगे शामिल
अखिलेश यादव पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए दो दिग्गज पूर्व मंत्रियों को पार्टी में शामिल कर रहे हैं। जानें पूरा समीकरण।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाने जा रहे हैं। पार्टी अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए दो重量दार पूर्व मंत्रियों को अपने साथ जोड़ने की तैयारी में है, जिससे क्षेत्र का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।
खबर है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री और सैनी समुदाय के प्रभावशाली नेता साहिब सिंह सैनी और आरएलडी (RLD) के खेल सेल के राष्ट्रीय प्रभारी चौधरी नीरपाल सिंह समाजवादी पार्टी का दामन थामने जा रहे हैं। इन दोनों नेताओं ने अपनी पार्टी बदलने की पुष्टि कर दी है और उनका औपचारिक प्रवेश 3 नवंबर, 2026 को होने की उम्मीद है।
2027 चुनाव से पहले 'PDA' समीकरण को धार
अखिलेश यादव का यह कदम केवल सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि अपने 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन को जमीन पर उतारने की एक सोची-समझी रणनीति है। इन दिग्गजों के आने से सपा को पश्चिमी यूपी में सामाजिक और संगठनात्मक मजबूती मिलेगी।
इस फेरबदल का असर अन्य पार्टियों पर भी साफ दिख रहा है। साहिब सिंह सैनी के जाने से भाजपा के लिए ओबीसी (OBC) वोटों के समीकरण बिगड़ सकते हैं। वहीं, चौधरी नीरपाल सिंह का जाना आरएलडी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह पार्टी के संगठन में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
राजनीतिक गलियारों में अब सबसे ज्यादा चर्चा सहारनपुर की नकुराना विधानसभा सीट को लेकर है। माना जा रहा है कि साहिब सिंह सैनी की वापसी के बाद वह इसी सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं, जिससे वहां की सियासी जंग और भी दिलचस्प हो जाएगी।