कन्नौज में सपा की जिला कार्यकारिणी भंग, अखिलेश यादव की नाराजगी के बाद बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी ने एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने 18 अक्टूबर, 2026 को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर कन्नौज जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इस फैसले के तहत कलीम खान के नेतृत्व वाली पूरी टीम और सभी पदाधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है।
इस कार्रवाई की जद में केवल जिला स्तर के नेता ही नहीं, बल्कि कन्नौज इकाई से जुड़े वे सदस्य भी आए हैं जो राज्य और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल थे। पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही गुटबाजी और संगठनात्मक निष्क्रियता को इस कठोर कदम की मुख्य वजह माना जा रहा है।
PDA सम्मेलन की विफलता बनी वजह
सूत्रों की मानें तो इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण कन्नौज में आयोजित हालिया PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सम्मेलन रहा। इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की भारी कमी और खाली कुर्सियों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव को काफी नाराज कर दिया था। पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता और लापरवाही के रूप में देखा, जिसके बाद पूरी कार्यकारिणी को साफ करने का निर्णय लिया गया।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले सपा अपनी जमीनी पकड़ को मजबूत करना चाहती है। संगठन में इस तरह की सर्जरी का मकसद अनुशासन लाना और नए ऊर्जावान चेहरों को आगे लाना है। गौरतलब है कि कन्नौज में यह दूसरी बार है जब जिला कार्यकारिणी को भंग किया गया है; इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद ऐसा कदम उठाया गया था।