सोनभद्र: डिजिटल जनगणना 2027 के लिए प्रशासन ने कसी कमर, जागरूकता रैली को हरी झंडी

सोनभद्र के डीएम ने जनगणना 2027 के लिए जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाई। जानें डिजिटल जनगणना की तारीखें और खास बातें।

Sushant Singh28 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
सोनभद्र: डिजिटल जनगणना 2027 के लिए प्रशासन ने कसी कमर, जागरूकता रैली को हरी झंडी

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला मजिस्ट्रेट चर्चित गौड़ और मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने कलेक्ट्रेट परिसर से एक विशाल जन-जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली कलेक्ट्रेट से शुरू होकर बरोली चौराहे तक पहुंची, जिसमें जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को जनगणना के महत्व के बारे में बताना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे पूरी सटीकता के साथ अपनी जानकारी साझा करें, क्योंकि इसी डेटा के आधार पर सरकार भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और सरकारी नीतियों का निर्धारण करती है। सही जानकारी ही राष्ट्रीय योजनाओं की सफलता की कुंजी है।

डिजिटल होगा डेटा कलेक्शन, जानें जरूरी तारीखें

यह जनगणना भारत के इतिहास की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसमें डेटा जुटाने के लिए मोबाइल ऐप और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए 'सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम' (CMMS) पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए इसकी समय-सीमा कुछ इस प्रकार रहेगी:

  • स्व-गणना (Self-enumeration): 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक लोग ऑनलाइन लगभग 40 सवालों के जवाब दे सकेंगे।
  • घर-घर गणना: 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे।
  • रिवीजन अवधि: 9 जनवरी 2027 तक डेटा की समीक्षा की जाएगी।

इस बार की जनगणना में एक बड़ा बदलाव यह है कि आजादी के बाद पहली बार जातिगत विवरण भी शामिल किए जाएंगे, जिसे कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स ने मंजूरी दी है। पूरे देश के लिए इस प्रक्रिया हेतु 11,718.24 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जबकि अकेले उत्तर प्रदेश में करीब 5.63 लाख कर्मियों को तैनात किया जाएगा।

डेटा की गोपनीयता को लेकर प्रशासन बेहद सख्त है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। यदि किसी अधिकारी द्वारा डेटा लीक किया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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