सीतापुर: मिड डे मील के अनाज की कालाबाजारी, पुलिस ने ठेकेदार दंपत्ति को दबोचा

सीतापुर: मिड डे मील के अनाज की कालाबाजारी, पुलिस ने ठेकेदार दंपत्ति को दबोचा

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बच्चों के निवाले पर डाका डालने वालों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीतापुर मिड डे मील घोटाला मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक ठेकेदार और उसकी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह दंपत्ति PM पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत मिलने वाले अनाज की कालाबाजारी और गबन के मामले में वांछित थे।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान कोतवाली नगर के ग्वाल मंडी निवासी रवि मिश्रा और उनकी पत्नी मंजू मिश्रा के रूप में हुई है। रामकोट पुलिस ने गुरुवार को इस दंपत्ति को गिरफ्तार किया। आपको बता दें कि आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) अंकुर अग्रवाल ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।

FCI गोदाम से उठाया अनाज, दुकानों तक नहीं पहुँचाया

पूरा मामला तब खुला जब पारसेंडी और बेहटा ब्लॉक के उचित दर दुकानों के डीलरों ने शिकायत की कि उन्हें जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का अनाज नहीं मिला है। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ठेकेदार रवि और मंजू मिश्रा ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम से कुल 1,793 क्विंटल अनाज तो उठा लिया था, लेकिन उसे निर्धारित दुकानों तक पहुँचाने के बजाय कहीं और गायब कर दिया।

इस गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी के बाद जिला मजिस्ट्रेट डॉ. राजा गणपति आर और प्रभारी मंत्री मनोज पांडे के नेतृत्व में जांच की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सप्लाई निरीक्षकों और एक मार्केटिंग इंस्पेक्टर को निलंबित करने की सिफारिश की गई है। साथ ही, संबंधित फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

रामकोट पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल था और चोरी किया गया अनाज कहाँ बेचा गया।

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