सीतापुर जिला अस्पताल में DM और CDO का छापा, मिली भारी लापरवाही, कई डॉक्टरों की सैलरी रोकी

KhabarCentral10 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
सीतापुर जिला अस्पताल में DM और CDO का छापा, मिली भारी लापरवाही, कई डॉक्टरों की सैलरी रोकी

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और कर्मचारियों की लापरवाही अब प्रशासन की रडार पर है। 10 अक्टूबर 2026 को जिला मजिस्ट्रेट (DM) डॉ. राजा गणपति आर और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रशांत नगर ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस ढाई घंटे चली छापेमारी में अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई मिलीं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कई कड़े कदम उठाए हैं।

निरीक्षण के दौरान DM डॉ. राजा गणपति आर ने पाया कि अस्पताल में साफ-सफाई का स्तर बेहद खराब है। इतना ही नहीं, ICU की सुविधाएं और डीप फ्रीजर जैसी महत्वपूर्ण मशीनें बंद पड़ी थीं। स्वास्थ्य सेवाओं की इस दुर्दशा पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) समेत पूरे प्रबंधन को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों की देखभाल और सुविधाओं में तत्काल सुधार किया जाए। साथ ही, पेशेंट वेलफेयर कमेटी के बजट से सभी लेबर रूम में एयर कंडीशनिंग (AC) लगवाने के आदेश दिए गए हैं।

लापरवाह कर्मचारियों पर गिरी गाज, 30 स्टाफ की सैलरी कटी

वहीं दूसरी ओर, सुबह करीब 9:30 बजे जब CDO प्रशांत नगर अस्पताल पहुंचे, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। निरीक्षण के दौरान करीब 30 कर्मचारी, जिनमें कई डॉक्टर भी शामिल थे, अपनी ड्यूटी से गायब पाए गए। इस अनुशासनहीनता पर एक्शन लेते हुए CDO ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों की एक दिन की सैलरी रोकने का आदेश दे दिया। ब्लड बैंक और अन्य वार्डों की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है, जिस पर उन्होंने तुरंत सुधार के निर्देश दिए और मुफ्त मेडिकल कैंप आयोजित करने को कहा।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में DM डॉ. राजा गणपति आर ने प्रशासनिक ढिलाई पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। उन्होंने उन 'आशा' कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए, जिन्होंने पिछले छह महीनों में एक भी डिलीवरी नहीं कराई है। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि सभी डॉक्टर और स्टाफ अपने निर्धारित कार्यस्थल पर ही निवास करेंगे।

इसके अलावा, आयुष्मान कार्ड के कार्यान्वयन, टीबी उन्मूलन, टीकाकरण अभियान और मातृ मृत्यु दर को कम करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी कड़े निर्देश दिए गए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल की स्वच्छता और सेवाओं में सुधार नहीं हुआ, तो भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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