अजीबोगरीब मामला: सपा में शामिल हुए पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य, उसी दिन BJP की लिस्ट में दिखा नाम
बदायूं के पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य ने सपा का दामन थामा, लेकिन उसी दिन भाजपा की कार्यकारिणी लिस्ट में रहा उनका नाम।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सबको हैरान कर दिया। बदायूं के पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य, जिन्हें लोग 'दीपू भैया' के नाम से भी जानते हैं, ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके साथ बिसाउली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने भी सपा का दामन थामा। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब उसी शाम भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई राज्य कार्यकारिणी समिति की सूची जारी की।
हैरानी की बात यह रही कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा जारी 548 सदस्यों की इस लिस्ट में सिनोद कुमार शाक्य का नाम अभी भी शामिल था। लिस्ट के सीरियल नंबर 88 पर उन्हें बदायूं से राज्य कार्यकारिणी समिति का सदस्य बताया गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जिस नेता ने दिन में दूसरी पार्टी जॉइन कर ली, उसका नाम शाम को भाजपा की आधिकारिक लिस्ट में कैसे आ गया?
संगठनात्मक तालमेल की कमी या समय का फेर?
राजनीतिक गलियारों में इस घटना को भाजपा के आंतरिक समन्वय की विफलता के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि या तो भाजपा ने यह लिस्ट शाक्य के पार्टी छोड़ने की खबर मिलने से पहले ही फाइनल कर ली थी, या फिर पार्टी के भीतर सूचनाओं का आदान-प्रदान ठीक से नहीं हो पाया।
सिनोद कुमार शाक्य का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वह पहले बसपा विधायक रहे, फिर सपा में आए और साल 2022 में भाजपा का साथ थामा। चर्चा है कि वह भाजपा में अपने साथ हो रहे व्यवहार से खुश नहीं थे और दातागंज विधानसभा सीट से टिकट की मांग को लेकर उनकी नाराजगी लंबे समय से बनी हुई थी।
अखिलेश यादव ने नए सदस्यों के आने को संगठन के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले बदायूं की राजनीति में यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि इस पूरी घटना ने भाजपा के भीतर की कम्युनिकेशन गैप को उजागर कर दिया है।