सिद्धरामैया स्टिंग केस: वीडियो अपलोड करने वाला गाजियाबाद का युवक गिरफ्तार, कोर्ट से मिली जमानत
पूर्व सीएम सिद्धरामैया के खिलाफ स्टिंग वीडियो अपलोड करने के आरोप में गाजियाबाद का एक युवक गिरफ्तार हुआ है, जिसे बाद में जमानत मिल गई।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामैया को निशाना बनाकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन के मामले में बेंगलुरु पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी रितेश पांडे को गिरफ्तार किया है। आरोपी रितेश कथित तौर पर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के कैंप ऑफिस में काम करता था। शुक्रवार दोपहर उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई है।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि रितेश पांडे ही वह मुख्य व्यक्ति था जिसने विवादित स्टिंग वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। पुलिस के मुताबिक, अपनी पहचान छिपाने और डिजिटल फुटप्रिंट्स को मिटाने के लिए आरोपी ने दिल्ली से एक पुराना स्मार्टफोन खरीदा था। इस फोन में कोई सिम कार्ड नहीं डाला गया था, बल्कि वाई-फाई कनेक्शन का इस्तेमाल कर वीडियो को वायरल किया गया। बताया जा रहा है कि वीडियो उसे एक पेन ड्राइव के जरिए दिया गया था, जिसे बाद में उसने मोबाइल में ट्रांसफर किया।
डिजिटल जांच में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल वीडियो अपलोड करने के लिए किया गया था। फोन को अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। डिजिटल जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि रितेश का एक्स (ट्विटर) अकाउंट काफी सीमित था और वह केवल चार हैंडल्स को फॉलो करता था, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के नाम शामिल हैं।
दूसरी ओर, सिद्धरामैया ने इस पूरे घटनाक्रम को एक राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि यह एक फर्जी स्टिंग ऑपरेशन है, जिसका मकसद उन्हें ब्लैकमेल करना और बदनाम करना है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने सिविल कोर्ट से इस वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए स्टे ऑर्डर (निषेधाज्ञा) प्राप्त कर लिया है। सिद्धरामैया का दावा है कि जब वह 8 साल तक मुख्यमंत्री रहे, तब ऐसा कुछ नहीं हुआ, लेकिन अब सत्ता से बाहर होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।