लखनऊ कोर्ट ने मॉडल श्रद्धा दुबे और दो अन्य की जमानत याचिका की खारिज
लखनऊ कोर्ट ने बिजनेसमैन शिव शर्मा की मौत के मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

बिजनेसमैन और कैफे संचालक शिव शर्मा की मौत के मामले में लखनऊ की एक अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने मॉडल श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर दानिश की जमानत याचिकाओं को सिरेरुप कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपियोंआों को राहत देने से इनकार कर दिया है।
23 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान, कार्यवाहक CJM आलोक वर्मा ने तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि कथित अपराध की प्रकृति अत्यंत गंभीर है और यह मामला सत्र न्यायालय (सेशन कोर्ट) द्वारा विचारणीय है। न्यायाधीश ने पाया कि जमानत granting के लिए कोई ठोस आधार मौजूद नहीं था, जिसके कारण आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया गया।
जांच एजेंसी की पूछताछ और गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया था। नागपुर कोर्ट से तीन दिन के ट्रांजिट रिमांड के बाद, 21 अक्टूबर 2026 को उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस की कस्टडी में सौंपा गया था। लखनऊ लाने के बाद, 22 अक्टूबर अक्टूबर 2026 को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जमानत याचिका खारिज होने से पहले, जांच अधिकारियों ने तीनों आरोपियों—श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश—से लगभग सात घंटे तक गहन पूछताछ की गई। इस पूछताछ में शिव शर्मा की मौत की परिस्थितियों और घटनाक्रम को समझने की कोशिश की गई। फिलहाल, तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस मामले की गहराई से पूरी तरह से जांच कर रही है।