शिवा शर्मा मौत मामला: मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे अब भी फरार, लखनऊ पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

लखनऊ के एक कैफे मालिक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक मुख्य आरोपी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस देरी ने लखनऊ पुलिस की जांच की रफ्तार और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग और मीडिया यह पूछ रहे हैं कि जब पुलिस अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों में इतनी तेजी दिखाती है, तो इस मामले में आरोपी अब भी कानून की गिरफ्त से बाहर क्यों हैं?
पूरा मामला 9 अक्टूबर 2026 का है, जब 28 वर्षीय शिवा शर्मा की लखनऊ के एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। मृतक की मां रंजना शर्मा ने सीधा आरोप लगाया है कि उनकी बेटे की हत्या की गई है। उन्होंने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और उनके ड्राइवर तनवीर अली (उर्फ दानिश) को इस साजिश का जिम्मेदार ठहराया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हजरतगंज पुलिस ने कोर्ट से तीनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करवाया है और प्रत्येक की गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
नेपाल सीमा तक पहुंची जांच, सीसीटीवी में दिखी झलक
पुलिस की जांच अब अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक पहुंच गई है। बहराइच के रूपंड बॉर्डर के पास से आरोपियों से जुड़ी एक स्कॉर्पियो गाड़ी लावारिस हालत में बरामद हुई है। इतना ही नहीं, नेपाल के महिम नगर स्थित एक बस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धा, रश्मि और उनके एक साथी आदिल को यात्रा करते हुए देखा गया है। पुलिस अब उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स और कॉल डेटा रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाल रही है ताकि उनके सटीक ठिकाने का पता लगाया जा सके।
दूसरी ओर, श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसका दावा है कि शिवा शर्मा कर्ज के कारण डिप्रेशन में थे और उन्होंने आत्महत्या की है। श्रद्धा का कहना है कि वह फरार नहीं हैं और पुलिस को अपना बयान देने के लिए तैयार हैं। वहीं, इस पूरे विवाद के बीच श्रद्धा के पिता एसपी दुबे ने 14 अक्टूबर को सार्वजनिक रूप से अपनी बेटी से नाता तोड़ लिया और कहा कि उनका उससे कोई संपर्क नहीं है।
मेडिकल पैनल द्वारा की गई वीडियोग्राफ्ड पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि शिवा की मौत ऊंचाई से कठोर सतह पर गिरने के कारण हुई, जिससे उनके फेफड़ों, लिवर और तिल्ली (Spleen) में गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों के तार किसी प्रभावशाली व्यक्ति या आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं।