शाहजहाँपुर: महर्षि वाल्मीकि जुलूस में DJ की आवाज को लेकर विवाद, स्थानीय लोगों ने दी सफाई
शाहजहाँपुर में महर्षि वाल्मीकि जुलूस के दौरान DJ की आवाज कम करने की मांग को विरोध बताया गया, जिस पर स्थानीय निवासियों ने अपनी सफाई दी है।

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान हुए एक वाकये को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ रिपोर्टों में इसे जुलूस का विरोध बताया गया, लेकिन अब स्थानीय निवासियों ने सामने आकर पूरी सच्चाई बताई है। लोगों का कहना है कि उनका मकसद जुलूस का विरोध करना नहीं, बल्कि केवल डीजे (DJ) की कानफोड़ू आवाज को कम करवाना था।
घटना शहर के चौक इलाके में सुनहरी मस्जिद के पास की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुलूस जब इस क्षेत्र में पहुंचा तो वह करीब आधे घंटे तक एक ही जगह पर रुका रहा। इस दौरान डीजे पर बहुत तेज आवाज में संगीत बज रहा था। शोर इतना ज्यादा था कि आसपास के शोरूम्स के शीशे और छतें तक थरथराने लगीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस भारी शोर की वजह से वहां रहने वाले लोगों और खासकर हृदय रोगियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शोर कम करने की गुजारिश को बताया गया विरोध
स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने डीजे ऑपरेटर से विनम्रतापूर्वक आवाज कम करने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। हालांकि, बाद में जब जुलूस कमेटी के सदस्यों से इस बारे में बात हुई, तो मामला सुलझ गया और संगीत की आवाज कम कर दी गई, साथ ही कुछ समय के लिए उसे बंद भी किया गया।
क्षेत्र के लोगों ने इस बात पर गहरा दुख जताया है कि एक साधारण सी मांग को जुलूस के विरोध के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका धार्मिक जुलूस के प्रति पूरा सम्मान है और इसका प्रमाण यह है कि जब जुलूस चौक से गुजरा, तो स्थानीय लोगों ने फूलों की बारिश कर उसका स्वागत किया था। निवासियों का कहना है कि शोर कम करने की अपील को गलत तरीके से पेश करना भ्रामक है और यह पूरी घटना के सकारात्मक पहलू को नजरअंदाज करता है।