शाहजहाँपुर: राइस मिलों में धान के अवैध भंडारण का खेल, एक मिल पर लगा 4 लाख का जुर्माना

शाहजहाँपुर की राइस मिलों में क्षमता से 80% ज्यादा धान जमा करने का आरोप। प्रशासन ने एक मिल पर जुर्माना लगाया, लेकिन अन्य पर कार्रवाई रुकी।

Shubham Singh1 November 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
शाहजहाँपुर: राइस मिलों में धान के अवैध भंडारण का खेल, एक मिल पर लगा 4 लाख का जुर्माना

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में शाहजहाँपुर धान अवैध भंडारण का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि जिले की कई राइस मिलें अपनी निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक धान का स्टॉक जमा करके कालाबाजारी कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कुछ मिलों में तो तय सीमा से 80 प्रतिशत तक ज्यादा धान भरा हुआ है, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने और मुनाफा कमाने की साजिश रची जा रही है।

इस पूरे खेल में सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का हुआ है। सरकारी खरीद केंद्र बंद होने के बाद, मिल मालिकों और बिचौलियों ने किसानों की मजबूरी का फायदा उठाया और उनसे बेहद कम दामों पर धान खरीद लिया। हालांकि मंडी सचिव के ऑनलाइन पोर्टल पर स्टॉक का विवरण मौजूद है, लेकिन जमीनी हकीकत और कागजों के आंकड़ों में जमीन-आसमान का अंतर पाया गया है।

प्रशासनिक कार्रवाई और उठते सवाल

इस गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब तिलहर में उप-जिलाधिकारी (SDM) और आईएएस अधिकारी आदित्य श्रीवास्तव ने भगवती राइस मिल पर छापेमारी की। मौके पर स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने पर भारी अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद प्रशासन ने मिल पर चार लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया।

लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इस एक कार्रवाई के बाद जिले की अन्य मिलों में जांच पूरी तरह से ठप हो गई है। स्थानीय लोगों और जानकारों में इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या किसी राजनीतिक दबाव या प्रशासनिक मिलीभगत के कारण बाकी मिल मालिकों को बचाया जा रहा है। एक तरफ जहां किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं, वहीं दूसरी तरफ राइस मिल सिंडिकेट इस अवैध भंडारण से मोटा मुनाफा कमा रहा है। अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्रशासन ने इस जांच को आगे क्यों नहीं बढ़ाया और बाकी मिलों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

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