शाहजहाँपुर रामलीला: अंगद का रौद्र रूप और कुंभकर्ण वध के दृश्यों ने बांधा समां

Sushant Singh20 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
शाहजहाँपुर रामलीला: अंगद का रौद्र रूप और कुंभकर्ण वध के दृश्यों ने बांधा समां

शाहजहाँपुर की ओसीएफ फैक्ट्री एस्टेट में आयोजित हो रही रामलीला में सोमवार को भक्ति और वीरता का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान मंच पर अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण मूर्छा और कुंभकर्ण वध जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का जीवंत मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को पूरी तरह से रामायण के कालखंड में पहुँचा दिया।

नाटक की शुरुआत अंगद के रावण की सभा में दूत बनकर पहुँचने से हुई। जब रावण ने भगवान राम का अपमान किया, तो अंगद ने उसे उसकी पुरानी याद दिलाई कि कैसे वह छह महीने तक बाली की कैद में रहा था। अंगद ने रावण की पूरी सभा को चुनौती दी कि कोई भी उनका पैर हिलाकर दिखाए, लेकिन रावण के शक्तिशाली योद्धा भी इसमें नाकाम रहे। अंगद ने रावण को चेतावनी देते हुए माता सीता को वापस लौटाने और प्रभु श्री राम की शरण में जाने की सलाह दी।

युद्धभूमि में लक्ष्मण की मूर्छा और संजीवनी का चमत्कार

कहानी आगे बढ़ी और इंद्रजीत (मेघनाद) अपनी पत्नी सुलोचना का आशीर्वाद लेकर युद्धभूमि में उतरा। वहां उसने एक शक्तिशाली अस्त्र का प्रयोग किया, जिससे लक्ष्मण मूर्छित हो गए। अपने भाई की यह हालत देख भगवान राम अत्यंत भावुक हो उठे। तब विभीषण की सलाह पर हनुमान जी लंका से वैद्य सुषेण को लेकर आए। सुषेण ने संजीवनी बूटी की मांग की, जिसे हनुमान जी ने सूर्योदय से पहले लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाए।

अंत में, रावण ने अपने भाई कुंभकर्ण को युद्ध के लिए जगाया। विभीषण ने कुंभकर्ण को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना और युद्ध के मैदान में पहुँच गया, जहाँ भगवान राम के बाणों ने उसका अंत कर दिया।

इस भव्य आयोजन में सचिव ए.के. व्यास, देवेश दीक्षित, संयुक्त सचिव अजय सक्सेना और निदेशक अंकित सक्सेना सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंचन में मोहित ने राम, अमित ने लक्ष्मण, अंकित ने रावण और लक्ष्मण मिश्रा ने कुंभकर्ण की भूमिका निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। साथ ही संदीप (अंगद), अंकित (हनुमान) और देवेंद्र (विभीषण) के अभिनय की भी काफी सराहना हुई।

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