शाहजहाँपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी, 40 लाख के 201 चोरी हुए मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए
शाहजहाँपुर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 201 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं।

शाहजहाँपुर पुलिस ने तकनीकी निगरानी और कड़ी मेहनत के जरिए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की संयुक्त टीम ने चोरी और गुम हुए कुल 201 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी गई है। इन मोबाइल फोन को उनके असली मालिकों को लौटाने के लिए गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन ऑडिटोरियम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां लोगों के चेहरों पर अपनी कीमती डिवाइस वापस पाकर खुशी साफ झलक रही थी।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (SP) सौरभ दीक्षित के निर्देशन और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के अपर पुलिस अधीक्षकों के मार्गदर्शन में की गई। इस ऑपरेशन को अंजाम देने में सर्विलांस सेल, जिला स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और विभिन्न थानों के साइबर हेल्प डेस्क की टीमों ने अहम भूमिका निभाई। सर्विलांस सेल की टीम एसपी ऑफिस और ऑनलाइन पोर्टल्स पर आने वाली शिकायतों की लगातार निगरानी करती है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इन डिवाइसों को ट्रैक करती है।
सावधान रहें और तुरंत करें रिपोर्ट
इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने आम जनता को जागरूक करते हुए सलाह दी कि यदि आपका मोबाइल चोरी या गुम हो जाता है, तो बिना देरी किए दूरसंचार विभाग के CEIR पोर्टल (www.ceir.gov.in) पर इसकी रिपोर्ट करें। रिपोर्ट दर्ज कराते समय IMEI नंबर, सिम कार्ड विवरण और पुलिस शिकायत संख्या देना अनिवार्य है। पुलिस ने यह भी सुझाव दिया कि लोग अपने खोए हुए सिम कार्ड को तुरंत ब्लॉक कराएं और नया सिम लें।
इसके अलावा, साइबर अपराधों से बचने के लिए नागरिकों को चेतावनी दी गई कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी या बैंकिंग विवरण साझा न करें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
इस सफल रिकवरी टीम में सर्विलांस सेल प्रभारी उपनिरीक्षक मोहन देव शर्मा, सिपाही पुष्पेंद्र कुमार, प्रभात, मुकुल खोखर, सचिन कुमार और आकाश के साथ जिला SOG टीम शामिल थी। साथ ही जलालाबाद, सदर बाजार, कोतवाली, कलान, कटरा, आरसी मिशन, पुवायान, खुदागंज, मिर्जापुर, निगोही और बांदा पुलिस स्टेशनों के साइबर हेल्प डेस्क ने भी सहयोग किया। एसपी सौरभ दीक्षित ने जोर देकर कहा कि समय पर रिपोर्ट करने से न केवल डिवाइस के गलत इस्तेमाल को रोका जा सकता है, बल्कि उनके जल्द बरामद होने की संभावना भी बढ़ जाती है।