शाहजहाँपुर: C-Plan ऐप से जुड़े 52 हजार नागरिक, पुलिस की स्मार्ट नेटवर्किंग से सुलझ रहे मामले
शाहजहाँपुर पुलिस ने C-Plan ऐप के जरिए 52,853 नागरिकों को जोड़ा है, जिससे गुमशुदा लोगों की तलाश और अपराध नियंत्रण में बड़ी मदद मिल रही है।

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में पुलिसिंग को स्मार्ट और असरदार बनाने के लिए एक नई डिजिटल पहल रंग ला रही है। जिला पुलिस ने शाहजहाँपुर सी-प्लान ऐप (कम्युनिटी पुलिसिंग प्लान) के जरिए आम जनता और पुलिस के बीच की दूरी को खत्म कर दिया है। इस डिजिटल नेटवर्क में अब तक 52,853 नागरिकों को जोड़ा जा चुका है, जिनमें ग्राम प्रधान, ब्लॉक विकास परिषद सदस्य, शिक्षक और समाज के प्रतिष्ठित लोग शामिल हैं। यह नेटवर्क न केवल अपराधों की जानकारी जुटाने में, बल्कि खोए हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में भी रामबाण साबित हो रहा है।
डिजिटल नेटवर्क ने ऐसे बचाई जान और पकड़े अपराधी
इस ऐप की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में सुलझाए गए दो बड़े मामलों में इसकी अहम भूमिका रही। पहला मामला सुल्तानपुर जिले के हरचंदपुर निवासी रामसुख यादव का है, जो तिलहर रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद रास्ता भटक गए थे। उनके परिजन बरेली, शाहजहाँपुर और हरदोई के स्टेशनों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाल चुके थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। 21 अक्टूबर को पुलिस को रामसुख तिलहर के बीरसिंहपुर चौकी के पास मिले। पुलिस ने तुरंत सी-प्लान ऐप का इस्तेमाल किया, जिससे उन्हें उनके गांव के प्रशासक प्रेम कुमार यादव और पूर्व प्रधान सज्जन लाल गुप्ता के संपर्क नंबर मिल गए और रामसुख को उनके परिवार से मिलाया जा सका।
वहीं, धोखाधड़ी के एक मामले में भी इस ऐप ने पुलिस की बड़ी मदद की। बांदा इलाके के बलवीर सिंह को सोलर पैनल लगाने के नाम पर ठगा गया था और उनके नाम पर लोन ले लिया गया था। जांच के दौरान पुलिस को बरेली के कुछ संदिग्धों का पता चला। पुलिस ने सी-प्लान ऐप के जरिए संबंधित गांव के प्रतिष्ठित नागरिकों के मोबाइल नंबर निकाले और आरोपियों तक पहुंच बनाई। इसके बाद आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, जिससे इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों का भी खुलासा हुआ।
पुलिस के लिए यह ऐप केवल संपर्क सूची नहीं, बल्कि सूचनाओं का एक सशक्त माध्यम बन गया है। आंकड़ों के मुताबिक, अकेले अक्टूबर महीने में पुलिस ने इस ऐप में दर्ज नंबरों के जरिए 558 कॉल किए, जिनमें से 139 मामलों का निपटारा बेहद आसानी से हो गया। सी-प्लान के जरिए पुलिस अब स्थानीय स्तर पर सटीक जानकारी तेजी से जुटा पा रही है, जिससे जांच की रफ्तार बढ़ी है और आम जनता का पुलिस पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।