शाहजहाँपुर पुलिस की बड़ी पहल, 'पुलिस आपके द्वार' अभियान से मौके पर मिल रहा शिकायतों का समाधान

अक्सर देखा जाता है कि अपनी छोटी-बड़ी शिकायतों को लेकर आम आदमी को बार-बार पुलिस थानों के चक्कर काटने पड़ते हैं और लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती है। लेकिन अब शाहजहाँपुर के लोगों को इस परेशानी से निजात मिलने वाली है। पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर जिले में 'पुलिस आपके द्वार - समाधान अब आपके द्वार' नामक एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मकसद जनता की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष निपटारा करना है।
इस अभियान की सफलता की पहली झलक 6 अक्टूबर 2026 को देखने को मिली, जब पुलिस विभाग ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में मौके पर पहुँचकर एक ही दिन में 41 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया। यह पूरा अभियान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के अपर पुलिस अधीक्षक की देखरेख में चलाया जा रहा है, ताकि इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम (IGRS) के माध्यम से आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों की जिम्मेदारी और काम करने का तरीका
इस मुहिम को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग ने इसके लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियम के मुताबिक, हर सर्किल ऑफिसर (CO) को अपने अधिकार क्षेत्र में प्रतिदिन कम से कम एक स्थान का दौरा करना होगा। वहीं, हर थाना प्रभारी (SHO) के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे रोजाना कम से कम दो अलग-अलग स्थानों पर जाकर मौके पर ही शिकायतों का निपटारा करें।
जब अधिकारी मौके पर पहुँचते हैं, तो वे न केवल घटनास्थल का निरीक्षण करते हैं, बल्कि विवाद में शामिल दोनों पक्षों से सीधी बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास करते हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि शिकायतकर्ताओं को थाने की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही है।
शाहजहाँपुर के एसपी सौरभ दीक्षित, जो खुद जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं, का कहना है कि जनता का विश्वास जीतना पुलिस विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि शिकायतों का निष्पक्ष और त्वरित समाधान उनकी प्राथमिकता है और उन्होंने सभी अधीनस्थ अधिकारियों को इस अभियान को पूरी ईमानदारी और प्रभावशीलता के साथ चलाने के निर्देश दिए हैं।