शाहजहाँपुर: धान खरीद को लेकर DM सख्त, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

Sushant Singh18 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
शाहजहाँपुर: धान खरीद को लेकर DM सख्त, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

शाहजहाँपुर के जिलाधिकारी (DM) धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने आगामी 2026-27 खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीद की तैयारियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विकास भवन ऑडिटोरियम में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान DM ने स्पष्ट कर दिया कि धान खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के लिए 'थ्री-स्ट्राइक' पॉलिसी और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

जिलाधिकारी ने अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब केंद्र प्रभारियों को सुबह 9:00 से 10:00 बजे के बीच e-PoP डिवाइस के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी, जिसकी निगरानी सीधे राज्य सरकार करेगी। इसके लिए 'थ्री-स्ट्राइक' पॉलिसी अपनाई जाएगी: पहली बार अनुपस्थिति पर चेतावनी, दूसरी बार पर औपचारिक नोटिस और तीसरी बार अनुपस्थित रहने पर सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी।

भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए DM ने एंटी-करप्शन टीमों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी अधिकारी कमीशन लेने या अवैध लेनदेन में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत तुरंत FIR दर्ज कराई जाएगी। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्ट्रेट द्वारा जल्द ही एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।

बैठक में दिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश इस प्रकार हैं:

  • स्थायी प्रचार-प्रसार: सहकारी समितियों और मंडियों में अस्थायी बैनरों की जगह अब दीवार पेंटिंग कराई जाएगी, जिसमें खाद्य एवं रसद विभाग का टोल-फ्री नंबर और खरीद विवरण स्पष्ट रूप से लिखा होगा।
  • समय सीमा: खरीद केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं अगले तीन दिनों के भीतर पूरी करने का आदेश दिया गया है।
  • फसल की सुरक्षा: बारिश से अनाज को बचाने के लिए तिरपाल और उचित जल निकासी की व्यवस्था अनिवार्य है। लापरवाही से फसल खराब होने पर केंद्र प्रभारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
  • किसानों का सम्मान: अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे किसानों के साथ विनम्र और मददगार व्यवहार करें।
  • पारदर्शिता: यदि किसी किसान की फसल मानकों पर खरी नहीं उतरती और वह अस्वीकृति से असहमत है, तो इसकी प्रविष्टि आधिकारिक 'रिजेक्शन रजिस्टर' में की जाएगी।

इस समीक्षा बैठक में डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने धान खरीद नीति की जानकारी दी, जबकि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) और जिला खरीद अधिकारी रजनीश कुमार मिश्रा ने केंद्र प्रभारियों की उपस्थिति की समीक्षा की और अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक आयुक्त गणेश गुप्ता सहित विभिन्न खरीद एजेंसियों के जिला प्रबंधक और मंडी सचिव भी मौजूद रहे।

Share:

Comments

Leave a comment