शाहजहाँपुर: दुर्गा मंदिर कॉरिडोर का काम अधर में, घटिया निर्माण और अतिक्रमण ने रोका रास्ता
शाहजहाँपुर में दुर्गा मंदिर कॉरिडोर का काम रुका हुआ है। घटिया निर्माण और अतिक्रमण ने प्रोजेक्ट की रफ्तार रोक दी है। जानें क्या है पूरा मामला।

शाहजहाँपुर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और शहर की खूबसूरती निखारने के लिए शुरू किया गया शाहजहाँपुर दुर्गा मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट अब सवालों के घेरे में है। करीब एक साल पहले बड़े उत्साह के साथ शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की रफ्तार अब पूरी तरह थम गई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के प्रयासों से स्वीकृत इस योजना का मकसद मंदिर के आसपास के इलाके का कायाकल्प करना था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
करीब 1 करोड़ रुपये के बजट से तैयार हो रहे इस कॉरिडोर में मंदिर के चारों ओर 300 मीटर सड़क का निर्माण होना था। हैरानी की बात यह है कि अब तक केवल 90 मीटर सड़क ही बन पाई है, यानी आधे से ज्यादा काम अभी बाकी है। इतना ही नहीं, जो सड़क बनाई गई है, वह अभी से उखड़ने लगी है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लाखों की लागत से लगाई गई फैंसी लाइटें भी सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं, क्योंकि बिजली कनेक्शन न होने के कारण वे जल नहीं पाईं और उनमें से कुछ तो चालू होने से पहले ही खराब हो चुकी हैं।
अतिक्रमण बना सबसे बड़ी बाधा
इस प्रोजेक्ट की सुस्त रफ्तार पर आवास विकास परिषद के सहायक अभियंता हेमंत राज का कहना है कि अतिक्रमण इस काम में सबसे बड़ी रुकावट है। उन्होंने बताया कि मंडी रोड स्थित पुराने गेट के पास करीब 1.5 से 2 मीटर जगह खाली कराने की जरूरत है। इस संबंध में विभाग ने प्रशासन को करीब 12 पत्र लिखे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अधिकारियों के मुताबिक, कोयला बाजार से मुन्नुगंज गेट और मीठ बाजार तक करीब 100 मीटर सड़क का काम पूरा हो चुका है, लेकिन मंदिर के दोनों मुख्य द्वारों के पास काम रुका हुआ है। विभाग का दावा है कि अगर नगर निगम और स्थानीय व्यापारियों का सहयोग मिले और प्रशासन अतिक्रमण हटा दे, तो बाकी बचा काम महज एक हफ्ते में पूरा किया जा सकता है। फिलहाल, प्रशासन और विभाग के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा आम जनता और श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है।