शाहजहाँपुर जिला जेल में बच्चों की सुविधाओं का जायजा लेने पहुंची निरीक्षण समिति

Shubham Singh12 October 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
शाहजहाँपुर जिला जेल में बच्चों की सुविधाओं का जायजा लेने पहुंची निरीक्षण समिति

इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक अहम आदेश के बाद सोमवार को शाहजहाँपुर जिला जेल में हलचल दिखी। एक विशेष निरीक्षण समिति जेल पहुंची ताकि वहां अपनी माताओं के साथ रह रहे मासूम बच्चों की स्थिति और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं का बारीकी से आकलन किया जा सके। इस पूरी कवायद का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जेल की दीवारों के बीच रह रहे इन बच्चों को एक बेहतर माहौल और बुनियादी सुविधाएं मिलें।

निरीक्षण टीम ने विशेष रूप से छह साल से कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और उनके मनोरंजन के इंतजामों पर ध्यान केंद्रित किया। समिति ने शून्य से तीन साल तक के शिशुओं की दिनचर्या और उनकी देखभाल के तौर-तरीकों की गहन जांच की। टीम ने यह देखने की कोशिश की कि क्या इन बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से सही पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं या नहीं।

शिक्षा और बेहतर भविष्य पर जोर

समिति ने तीन से छह साल के बच्चों के भविष्य को लेकर खास चिंता जताई और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया। इस दौरान बाल कल्याण समिति (CWC) ने सख्त निर्देश जारी किए कि इन बच्चों का नामांकन प्री-प्राइमरी और प्राइमरी स्कूलों में कराया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।

इस निरीक्षण दल में राम औतारा त्रिपाठी, अधिवक्ता कुंवर मुनीश सिंह परिहार, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड और बाल कल्याण समिति के मजिस्ट्रेट व सदस्य शामिल थे। साथ ही जिला संरक्षण इकाई की काउंसलर प्रतिभा मिश्रा और समाज सेविका सुप्रिया अवस्थी ने भी टीम के साथ मिलकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। समिति का प्राथमिक उद्देश्य यह था कि जेल के माहौल में पल रहे बच्चों को उचित स्वास्थ्य देखभाल और एक गरिमापूर्ण पालन-पोषण मिल सके।

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