शाहजहाँपुर: गांव की गलियों में घुसा विशालकाय मगरमच्छ, रेस्क्यू के बाद नदी में छोड़ा

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में इन दिनों वन्यजीवों का रिहायशी इलाकों में आना आम हो गया है। ताजा मामला खुदागंज थाना क्षेत्र के सैदुपुर गांव का है, जहां 6 अक्टूबर की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक विशालकाय मगरमच्छ अचानक गांव की बस्ती में घुस आया। मगरमच्छ को देखते ही ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
शुरुआत में ग्रामीणों ने खुद ही मगरमच्छ को काबू करने की कोशिश की, लेकिन खतरे को देखते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। खबर मिलते ही रेंजर अनिल कुमार, अमित शर्मा, श्याम सिंह यादव और कर्मचारी बकर की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद इस खतरनाक जीव को सुरक्षित पकड़ लिया और बाद में उसे पास ही स्थित बहगुल नदी में छोड़ दिया गया।
बारिश के बाद बढ़ा खतरा, कई गांवों में घुसे मगरमच्छ
क्षेत्र में वन्यजीवों का यह आतंक केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण मगरमच्छों के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इसी दिन यानी 6 अक्टूबर को मयुना गांव से भी एक अन्य मगरमच्छ को बरामद किया गया था। इससे पहले 4 अक्टूबर को खुदागंज के सुरही गांव की सड़कों पर एक मगरमच्छ देखा गया था, जिसे पकड़कर वापस पानी में भेजा गया।
घटनाओं का सिलसिला सितंबर महीने से ही शुरू हो गया था। 12 सितंबर को तिलहर क्षेत्र के अहियापुर गांव में एक मगरमच्छ घर के अंदर घुस आया था, जिसे बाद में गर्रा नदी में छोड़ा गया। वहीं 8 और 9 सितंबर को भी शाहजहाँपुर के विभिन्न नालों और रिहायशी इलाकों में मगरमच्छ देखे गए थे। 30 सितंबर को बहगुल नदी के एक द्वीप पर भी मगरमच्छ की मौजूदगी दर्ज की गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी किया था।
लगातार हो रही इन घटनाओं से नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों में भारी डर है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें और उन्हें पकड़ने की कोशिश खुद न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचित करें। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वन्यजीवों की निगरानी बढ़ाई जाए और लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।