अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग, शाहजहाँपुर में कांग्रेस ने निकाला मशाल जुलूस

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। NSUI के जिला अध्यक्ष रफी-उल-हसन के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं और कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया, जिन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यह जुलूस टाउन हॉल स्थित कांग्रेस कार्यालय 'राजीव भवन' से शुरू हुआ। मशालें लेकर प्रदर्शनकारी स्टेट बैंक, सदर बाजार, बहादुरगंज और मशीनरी मार्केट से होते हुए घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने न केवल अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग की, बल्कि भाजपा सरकार की नीतियों की भी कड़ी आलोचना की। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाए।
युवाओं से वोट की अपील और संघर्ष का ऐलान
जुलूस की शुरुआत से पहले राजीव भवन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनेश गुप्ता ने युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए युवाओं को 17 और 24 अक्टूबर को अपने वोट का सही इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं, NSUI जिला अध्यक्ष रफी-उल-हसन ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष का समय है और छात्र व युवा सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करना जारी रखेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए बताया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अंकिता के माता-पिता के साथ धरने में हिस्सा लिया था, जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित परिवार और कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस घटना ने कार्यकर्ताओं के गुस्से को और बढ़ा दिया है।
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित, पूनम पांडे, फुरकान अहमद कुरैशी, अनिल श्रीवास्तव, गौरव त्रिपाठी, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष रामजी अवस्थी, गंगाराम कठेरिया, सईद अंसारी, अनुभव कटारिया, अध्ययन आनंद, परवेज अहमद, फरमान खान, मोहसिन खान, मोहम्मद आमिल, सिकंदर अली, मोहम्मद आसिम, साहिल खान, मुजक्किर खान, आमिर मंसूरी, सुधंशु मिश्रा, नितिन तिवारी और हिमांशु सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।