SGPGI लखनऊ: नर्सिंग ऑफिसर और अटेंडेंट परीक्षा रद्द, अब STF करेगी जांच

SGPGI लखनऊ में तकनीकी खराबी के कारण नर्सिंग ऑफिसर और अटेंडेंट परीक्षा रद्द हुई। अब STF जांच करेगी और एक महीने में होगी दोबारा परीक्षा।

Shubham Singh2 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
SGPGI लखनऊ: नर्सिंग ऑफिसर और अटेंडेंट परीक्षा रद्द, अब STF करेगी जांच

लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) में भर्ती प्रक्रिया उस समय विवादों में घिर गई जब नर्सिंग ऑफिसर और हॉस्पिटल अटेंडेंट (ग्रेड-II) के पदों के लिए आयोजित स्टेज-2 परीक्षा को अचानक रद्द करना पड़ा। रविवार, 1 नवंबर 2026 को आयोजित इस परीक्षा में करीब 8,500 उम्मीदवारों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए, क्योंकि परीक्षा के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली।

जानकारी के मुताबिक, गोमती नगर स्थित सात परीक्षा केंद्रों में से तीन केंद्रों—एसडीएसएन डिग्री कॉलेज, एसडीएसएन पब्लिक स्कूल और ज्यूरिस कॉलेज ऑफ लॉ—पर इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या आ गई। इस तकनीकी खराबी की वजह से उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो सका। हालांकि समस्या केवल तीन केंद्रों पर थी, लेकिन संस्थान ने निष्पक्षता और एकरूपता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों की परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।

प्रशासनिक लापरवाही और आंतरिक विवाद

परीक्षा रद्द होने के बाद अब मामला केवल तकनीकी खराबी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संस्थान के अंदरूनी प्रशासनिक फैसलों पर भी सवाल उठने लगे हैं। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए संस्थान ने स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को जांच सौंप दी है। संस्थान ने आश्वासन दिया है कि अगले एक महीने के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।

हैरानी की बात यह है कि इस अव्यवस्था से पहले ही संस्थान के भीतर चेतावनी दी गई थी। आंतरिक दस्तावेजों से पता चला है कि एडिशनल डायरेक्टर कृतिका शर्मा ने 1 सितंबर 2026 को डायरेक्टर डॉ. आर.के. धीमान को पत्र लिखकर भर्ती प्रबंधन को लेकर अपनी चिंता जताई थी। शर्मा ने प्रकाश सिंह को जॉइंट डायरेक्टर (प्रशासन) का अतिरिक्त प्रभार देने पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि उनका मानना था कि प्रशासन की भूमिका के लिए विशिष्ट फाइनेंस सर्विस योग्यता की आवश्यकता होती है। उन्होंने सुझाव दिया था कि यह जिम्मेदारी किसी अनुभवी फैकल्टी सदस्य को दी जानी चाहिए, न कि एक ही अधिकारी पर कई विभागों का बोझ डाला जाना चाहिए।

हालांकि SGPGI प्रशासन इस परीक्षा के रद्द होने का कारण केवल तकनीकी और परिचालन संबंधी दिक्कतों को बता रहा है, लेकिन इस घटना ने संस्थान के भीतर नियुक्तियों और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

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