नोएडा: त्योहारों और प्रदर्शनों के मद्देनजर 20 अक्टूबर तक धारा 163 लागू

गौतम बुद्ध नगर पुलिस प्रशासन ने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आगामी त्योहारों और विभिन्न परीक्षाओं को देखते हुए पूरे जिले में 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। एडिशनल डीसीपी अर्चना सिंह द्वारा जारी इस आदेश का मकसद शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
प्रशासन ने यह फैसला नवरात्रि, महानवमी और दशहरा जैसे बड़े त्योहारों के साथ-साथ सरकारी भर्ती परीक्षाओं और बोर्ड एग्जाम्स को देखते हुए लिया है। इसके अलावा, किसान संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा अचानक आयोजित किए जाने वाले प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए भी यह पाबंदी लगाई गई है।
क्या हैं मुख्य पाबंदियां और नियम?
नए आदेश के मुताबिक, अब सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है। बिना पुलिस अनुमति के सड़कों या टोल प्लाजा पर किसी भी तरह के जुलूस निकालने की इजाजत नहीं होगी। धार्मिक आयोजनों, सार्वजनिक स्थानों पर नमाज या पूजा के लिए भी प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। विवादित स्थलों पर धार्मिक बैनर, झंडे या पोस्टर लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए हाई कोर्ट की गाइडलाइन्स का पालन करते हुए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, सरकारी इमारतों के एक किलोमीटर के दायरे में और पूरे जिले में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी है। सार्वजनिक जगहों पर हथियार, लाठी या धारदार चीजें ले जाना और जश्न में फायरिंग करना अपराध माना जाएगा।
परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में 5 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर रोक है। साथ ही, परीक्षा के दिन और उससे एक दिन पहले पास की फोटोकॉपी दुकानें बंद रखनी होंगी। प्रशासन ने छतों और खुले प्लॉटों पर ईंट, पत्थर या ज्वलनशील सामग्री रखने और सार्वजनिक रूप से शराब पीने पर भी पाबंदी लगाई है।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखने की बात कही है। अफवाहें फैलाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।