गन्ना भुगतान पर वार-पलटवार: मंत्री सतीश शर्मा ने अखिलेश यादव के वादे को बताया 'खोखला'

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गन्ना किसानों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के उस दावे पर कड़ा प्रहार किया है, जिसमें उन्होंने सरकार बनने पर गन्ना किसानों का भुगतान 24 घंटे के भीतर करने का वादा किया था।
बाराबंकी में 'सेवा संकल्प अभियान' के समापन अवसर पर बोलते हुए मंत्री सतीश शर्मा ने अखिलेश यादव के वादों को पूरी तरह से आधारहीन और खोखला करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का पुराना इतिहास रहा है कि वह किसानों को केवल गुमराह करती है। शर्मा ने कहा कि जब सपा की सरकार थी, तब किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने में वह पूरी तरह विफल रहे थे। मंत्री ने आगे कहा कि बार-बार चुनाव हारने के कारण विपक्षी दल राजनीतिक हताशा से गुजर रहा है और अब जनता को भ्रमित करने के लिए ऐसे छलावे वाले दावों का सहारा लिया जा रहा है।
भाजपा ने गिनाईं उपलब्धियां, सपा के दावों को नकारा
दरअसल, यह पूरा विवाद अखिलेश यादव के उस बयान से शुरू हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार आती है, तो एक विशेष फंड बनाया जाएगा जिसके जरिए गन्ना किसानों का पैसा 24 घंटे में उनके खातों में पहुंच जाएगा। अखिलेश ने यह भी दावा किया था कि वे बिजली, खाद और सिंचाई की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे और भाजपा सरकार पर किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा न करने का आरोप लगाया था।
इन आरोपों का जवाब देते हुए सतीश शर्मा ने योगी आदित्यनाथ सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेलों के बिजली बिल माफ किए हैं। इसके अलावा, सोलर ट्यूबवेल और कृषि उपकरणों के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जा रही मदद इस बात का सबूत है कि भाजपा वास्तव में किसानों के हित में काम कर रही है।
मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साल 2017 से मई 2026 के बीच सरकार ने गन्ना किसानों को 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक भुगतान किया है। साथ ही, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि साल 2025-26 के लिए गन्ने के दाम में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जो सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।