महाराजगंज: शिक्षकों के हक की लड़ाई लड़ेंगे डॉ. संजयन त्रिपाठी, सपा प्रत्याशी ने जताया भरोसा

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी ने महाराजगंज में शिक्षकों के बीच पहुंचकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह शिक्षकों की समस्याओं से गहराई से वाकिफ हैं और लंबे समय से उनके अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। डॉ. त्रिपाठी ने भरोसा दिलाया कि वह शिक्षकों के सम्मान और उनकी जायज मांगों को पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे।
पुरानी पेंशन और मानदेय होगा मुख्य मुद्दा
डॉ. संजयन त्रिपाठी ने अपने चुनावी एजेंडे में शिक्षकों के हितों को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने मुख्य रूप से पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और सेल्फ-फाइनेंस कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों के लिए मानदेय सुनिश्चित करने की बात कही है। उनकी इसी सोच के कारण 'सेल्फ-फिनेंस्ड कॉलेज मैनेजर्स एसोसिएशन' ने उन्हें अपना समर्थन दिया है। एसोसिएशन का मानना है कि डॉ. त्रिपाठी विधान परिषद में सेल्फ-फाइनेंस कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और वहां के स्टाफ की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।
डॉ. त्रिपाठी का राजनीतिक सफर हाल के दिनों में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने 2 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़ दी थी, क्योंकि उन्हें एमएलसी चुनाव के लिए टिकट नहीं मिला था। भाजपा से अलग होते समय उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि वह पार्टी में "दम घुटने" जैसा महसूस कर रहे थे। इसके बाद 1 अक्टूबर को उन्होंने पहले निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था।
अंततः 3 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने औपचारिक रूप से सपा का दामन थाम लिया और कमलेश यादव की जगह पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार बने। इसके बाद 8 अक्टूबर को सपा कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने अपना नामांकन दोबारा दाखिल किया और विश्वास जताया कि वह शिक्षकों से किए गए अपने सभी वादों को पूरा करेंगे।