जनता की शिकायतों का होगा निपटारा, संजय प्रसाद 16 अक्टूबर को करेंगे IGRS की समीक्षा

उत्तर प्रदेश सरकार आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए बेहद सख्त नजर आ रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद 16 अक्टूबर को इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम (IGRS) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी, जिसमें शिकायतों के निस्तारण की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
प्रशासन ने इस बैठक को लेकर पूरी तैयारी के निर्देश दिए हैं। सभी पुलिस कमिश्नरों, जिलाधिकारियों (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP), पुलिस अधीक्षकों (SP), मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और नगर आयुक्तों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया है। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने साथ सभी संबंधित आंकड़े और सटीक जानकारी लेकर आएं ताकि शिकायतों के निस्तारण में हो रही देरी की जवाबदेही तय की जा सके।
लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज, प्रदर्शन पर टिकी नजर
राज्य सरकार अब केवल शिकायतों को बंद करने के बजाय उनके निस्तारण की गुणवत्ता पर ध्यान दे रही है। हाल के दिनों में कई जिलों में अधिकारियों की क्लास लगाई गई है। उदाहरण के तौर पर, 14 अक्टूबर को बांदा के जिलाधिकारी अमित असेरी ने शिकायतों के निपटारे में खराब रैंकिंग वाले 36 अधिकारियों को दो दिन का अल्टीमेटम जारी किया था। वहीं, मथुरा-वृंदावन के नगर आयुक्त ने भी शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
वहीं दूसरी ओर, बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के लिए यह सिस्टम प्रोत्साहन का काम कर रहा है। अक्टूबर 2025 की मासिक समीक्षा में अमेठी पुलिस ने गुणवत्ता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर प्रदेश में टॉप रैंकिंग हासिल की थी। इसी तरह, सुल्तानपुर पुलिस ने मार्च 2026 की सूची में लगातार पांचवीं बार पहला स्थान पाकर अपनी कार्यकुशलता साबित की है। अब देखना यह होगा कि 16 अक्टूबर की इस हाई-लेवल मीटिंग के बाद अन्य जिलों के प्रदर्शन में कितना सुधार आता है।