संभल: डिजिटल हाउस अरेस्ट कर रिटायर्ड पुलिसकर्मी से ठगे 16 लाख, पुलिस ने 6 लाख बरामद किए

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में साइबर अपराधियों ने एक रिटायर्ड पुलिस सब-इंस्पेक्टर को अपना शिकार बनाया, जहां संभल डिजिटल हाउस अरेस्ट फ्रॉड के जरिए उनसे मोटी रकम ठग ली गई। हालांकि, संभल की साइबर क्राइम पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ठगी गई राशि में से 6 लाख रुपये बरामद कर पीड़ित को वापस दिला दिए हैं।
मामला चंदौसी के मोहल्ला ढोलबयान का है, जहां रहने वाले 70 वर्षीय नरेंद्र कुमार (पुत्र प्रकाश चंद्र) को जालसाजों ने डरा-धमकाकर 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' की स्थिति में डाल दिया था। ठगों ने उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दी और उनकी पेंशन की रकम हड़पने के लिए मानसिक दबाव बनाया। इस पूरी साजिश के तहत पीड़ित से कुल 16 लाख रुपये ठग लिए गए। इस घटना के बाद संभल साइबर क्राइम थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
हरियाणा और एमपी तक पहुंची पुलिस की जांच
संभल के पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी के निर्देश पर साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी गई राशि का एक हिस्सा हरियाणा के कैथल निवासी प्रिंस कुमार के खाते में ट्रांसफर किया गया था, जो फिलहाल मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रह रहा था। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रिंस कुमार को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान प्रिंस कुमार ने दावा किया कि उसने 'नेक्स्ट जेन फाइनेंस' नामक कंपनी की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन किया था। उसने पुलिस को बताया कि उसे लगा कि उसके खाते में आए 6 लाख रुपये लोन की राशि है, जिसे वह पहले ही खर्च कर चुका था।
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए प्रिंस कुमार के माध्यम से 6 लाख रुपये की राशि RTGS के जरिए पीड़ित नरेंद्र कुमार के खाते में वापस ट्रांसफर करवाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और बाकी बचे 10 लाख रुपये की रिकवरी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।