हिंदू देवी-देवताओं पर विवादित टिप्पणी: सपा ने भाजपा को घेरा, मांगी माफी

समाजवादी पार्टी ने हिंदू देवी-देवताओं पर विवादित टिप्पणियों को लेकर भाजपा पर हमला बोला है और तत्काल माफी की मांग की है।

Sushant Singh3 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
हिंदू देवी-देवताओं पर विवादित टिप्पणी: सपा ने भाजपा को घेरा, मांगी माफी

लखनऊ में समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा ने भाजपा नेतृत्व और उसके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके द्वारा हिंदू देवी-देवताओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को शर्मनाक बताते हुए भाजपा से तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की है।

विवाद की शुरुआत मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित एक राम कथा से हुई। समाजवादी पार्टी का आरोप है कि कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और भगवान कृष्ण के बीच अपमानजनक तुलना की। इसके अलावा, सपा ने भाजपा नेता संगीत रागी पर भी निशाना साधा, जिन पर भगवान कृष्ण और यादव समुदाय के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। सपा का कहना है कि इन बयानों से सनातनी समुदाय में भारी आक्रोश है।

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप

समाजवादी पार्टी ने अपने बयान में भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि भाजपा से जुड़े लोग न केवल देवी-देवताओं का अपमान कर रहे हैं, बल्कि उन्होंने काशी और केदारनाथ से सोना लूटने जैसी घटनाओं में भी संलिप्तता दिखाई है। साथ ही, भगवान राम के परिवार के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया है।

इस पूरे विवाद में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भूमिका चर्चा में रही, जिन्होंने भगवान राम को 'सीधा' बताते हुए उनकी तुलना भगवान कृष्ण की 'त्रिभंग' मुद्रा और बांसुरी वादन की शैली से की थी। हालांकि, बढ़ते विवाद को देखते हुए शास्त्री ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को नैरोबी, केन्या से एक वीडियो जारी कर माफी मांगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बातें ब्रज की पारंपरिक भक्ति अभिव्यक्तियों पर आधारित थीं और उनका उद्देश्य किसी भी देवता का अपमान करना नहीं था।

भले ही माफी मांग ली गई हो, लेकिन राजनीतिक माहौल अब भी गरमाया हुआ है। तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर भाजपा की आलोचना की है और आरोप लगाया है कि भाजपा धार्मिक भावनाओं का राजनीतिकरण कर रही है।

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