लखीमपुर खीरी: पत्रकारों की गिरफ्तारी के खिलाफ ग्रामीण पत्रकार संघ ने खोला मोर्चा, रिहाई की मांग

Shubham Singh13 October 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
लखीमपुर खीरी: पत्रकारों की गिरफ्तारी के खिलाफ ग्रामीण पत्रकार संघ ने खोला मोर्चा, रिहाई की मांग

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पत्रकारों की गिरफ्तारी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। 'हिंदी खबर' न्यूज चैनल के मुख्य संपादक अतुल अग्रवाल और 'लिविंग इंडिया' के सौरभ उपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश है। इस कार्रवाई के विरोध में ग्रामीण पत्रकार संघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन से उनकी तुरंत रिहाई की मांग की है।

ग्रामीण पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने इस पूरे मामले पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि इस मामले का संज्ञान लिया जाए और पूरी निष्पक्षता के साथ जांच की जाए। संघ का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर जो भी जरूरी कार्रवाई होनी चाहिए, वह हो, लेकिन पत्रकारों की गरिमा और उनकी स्वतंत्रता का हनन नहीं होना चाहिए।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आजादी पर सवाल

विरोध प्रदर्शन के दौरान नितेश अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। अगर पत्रकारों को डराया जाएगा या उनकी आजादी छीनी जाएगी, तो समाज की आवाज दब जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के सम्मान और उनकी स्वतंत्रता की रक्षा करना अनिवार्य है।

संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द गौर नहीं किया गया और गिरफ्तार पत्रकारों को रिहा नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा औपचारिक आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए, जिनमें शिवम बाजपेई, अशोक शुक्ला, अनिल वर्मा, प्रतीक श्रीवास्तव, अजय मिश्रा, आनंद तिवारी, देवेश पांडेय, सौरभ श्रीवास्तव, धर्मेंद्र राजपूत, विनीत गुप्ता, अवध किशोर जसवाल, डीके मिश्रा, रामजी सिंह, अनुज शुक्ला, शोएब, अंकित श्रीवास्तव और अंकुर श्रीवास्तव जैसे नाम शामिल रहे। सभी ने एक सुर में अपने साथी पत्रकारों के साथ खड़े रहने की बात कही है।

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