रोहन राठी मर्डर केस: CBI जांच की मांग को लेकर SSP ऑफिस पर किसानों का हल्लाबोल

मुजफ्फरनगर में रोहन राठी हत्याकांड ने अब तूल पकड़ लिया है। पुलिस की अब तक की कार्रवाई से असंतुष्ट भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सदस्यों और हरैती गांव के ग्रामीणों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय का घेराव किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन करते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को SSP ऑफिस परिसर के भीतर जाने से रोकने की कोशिश की। इस बात को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि स्थानीय पुलिस की जांच सही दिशा में नहीं जा रही है, इसलिए इस संवेदनशील मामले को केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए।
जांच पर सवाल और परिजनों का आक्रोश
पूरा मामला 24 सितंबर का है, जब हरैती गांव के पास जंगल में एक खेत के किनारे रोहन राठी का शव मिला था। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन पीड़ित परिवार और गांव वालों को इस कार्रवाई पर भरोसा नहीं है। उनका मानना है कि असली गुनहगार अभी भी बाहर हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ से एक मेडिको-लीगल टीम भी आई थी, जिसने SIT और साइबर सेल के साथ मिलकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। क्राइम सीन रिक्रिएशन के जरिए सबूत भी जुटाए गए, लेकिन परिवार का कहना है कि पुलिस की जांच में कई कमियां हैं। प्रदर्शनकारियों की एक ही मांग है कि रोहन के कातिलों को कड़ी सजा मिले और परिवार को न्याय मिले।
इस बड़े प्रदर्शन की भनक लगते ही प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया था। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए SSP ऑफिस समेत शहर के तमाम मुख्य चौराहों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।