नोएडा रियल एस्टेट घोटाला: रिटायर्ड जज की उम्र भर की कमाई गई, 3 करोड़ से ज्यादा की ठगी

नोएडा रियल एस्टेट घोटाला: रिटायर्ड जज की उम्र भर की कमाई गई, 3 करोड़ से ज्यादा की ठगी

नोएडा के रियल एस्टेट सेक्टर में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज एम.एल. वर्मा (84 वर्ष) शिकार हुए हैं। नोएडा रियल एस्टेट घोटाला इतना बड़ा है कि इसमें जज साहब की जीवन भर की जमा पूंजी, करीब 3.22 करोड़ रुपये हड़प लिए गए। पीड़ित जज ने इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने कंपनी की मंशा को पूरी तरह से बेईमान बताया है।

जानकारी के मुताबिक, जस्टिस वर्मा ने साल 2010 में नोएडा के सेक्टर 15 में कमर्शियल यूनिट्स के लिए निवेश किया था। यह निवेश उन्होंने और उनके दिवंगत साले नवीन साहनी ने मिलकर किया था। समझौते के तहत, इन यूनिट्स की डिलीवरी 36 महीने के भीतर, यानी अधिकतम मार्च 2014 तक होनी थी। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि निवेश के 16 साल बीत जाने के बाद भी मौके पर निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है।

चेक बाउंस हुए और उम्मीदें टूटीं

जस्टिस वर्मा का आरोप है कि प्रोजेक्ट में देरी के साथ-साथ कंपनी ने उन्हें जो चेक दिए, वे भी बाउंस हो गए। जब बार-बार कोशिशों के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला, तो उन्होंने दिल्ली के हौज खास थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में 'एइम्स सान्या डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड' (Aims Sanya Developers Private Limited) के निदेशकों रूप किशोर मदन और संजय ठुकराल समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस ने आरोपियों पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की मंशा रखने की गंभीर धाराएं लगाई हैं। एक रिटायर्ड जज के साथ हुई इस बड़ी ठगी ने एक बार फिर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश से जुड़े जोखिमों और बिल्डरों की मनमानी को उजागर कर दिया है।

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