गौरीगंज सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर उभरे रविंद्र प्रताप द्विवेदी, समर्थकों ने उठाई दावेदारी

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट अभी से सुनाई देने लगी है और अमेठी की गौरीगंज विधानसभा सीट पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस चुनावी रण में एडवोकेट रविंद्र प्रताप द्विवेदी, जिन्हें स्थानीय लोग प्यार से 'कपूर भैया' कहते हैं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहे हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि उनकी सामाजिक पकड़ और पार्टी के प्रति समर्पण उन्हें इस सीट के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है।
रविंद्र प्रताप द्विवेदी की दावेदारी के पीछे 15 वर्षों का लंबा सामाजिक संघर्ष और भाजपा के प्रति अटूट निष्ठा है। उनके समर्थकों का तर्क है कि उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। विशेष रूप से 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में स्मृति ईरानी के समर्थन में और 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की है। समर्थकों का कहना है कि पार्टी को उम्मीदवार चुनते समय उन निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए जिन्होंने लंबे समय तक संगठन की सेवा की है।
सामाजिक सरोकार और युवाओं का साथ
राजनीति से इतर रविंद्र प्रताप द्विवेदी की पहचान एक मददगार इंसान के रूप में है। बताया जाता है कि उन्होंने अपने निजी संसाधनों का उपयोग कर दर्जनों स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने में मदद की है। हालांकि उनकी पकड़ ब्राह्मण समुदाय में गहरी है, लेकिन उनके समर्थकों का दावा है कि वे केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के हर तबके के जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
अपनी राजनीतिक आकांक्षाओं पर बात करते हुए रविंद्र प्रताप द्विवेदी ने खुद को भाजपा का एक समर्पित कार्यकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य स्मृति ईरानी और जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सत्ता वापस लाना और जिले की सभी सीटों पर पार्टी की जीत सुनिश्चित करना है। द्विवेदी का कहना है कि उनकी दावेदारी उनके द्वारा किए गए कार्यों और समर्थकों की इच्छा पर आधारित है, और उन्हें पूरा भरोसा है कि पार्टी नेतृत्व पुराने और प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं के प्रयासों को जरूर पहचानेगा।
अब देखना यह होगा कि भाजपा नेतृत्व गौरीगंज सीट के लिए क्या फैसला लेता है, लेकिन फिलहाल 'कपूर भैया' के नाम की गूंज क्षेत्र में सुनाई दे रही है।