रामनगर तहसील में भ्रष्टाचार का बोलबाला? वकीलों ने डीएम से की बड़ी जांच की मांग

बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील इन दिनों विवादों के घेरे में है। यहाँ के तहसील बार एसोसिएशन ने प्रशासन में व्याप्त भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (DM) को एक ज्ञापन सौंपा है। वकीलों का कहना है कि तहसील कार्यालय में काम करने का तरीका पूरी तरह से संदिग्ध हो गया है, जिससे आम जनता और कानूनी प्रक्रिया दोनों प्रभावित हो रही हैं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिव प्रकाश अवस्थी और महासचिव कमला पति तिवारी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कई चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। वकीलों ने आरोप लगाया है कि तहसील अदालतों में बिना किसी विरोध वाली फाइलों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर नहीं किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि रजिस्ट्री ऑफिस से ऑनलाइन भेजे गए दस्तावेज तहसीलदार के पोर्टल पर होने के बावजूद, फाइलों को 'साक्ष्यों की कमी' बताकर खारिज कर दिया जाता है।
अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप
एसोसिएशन ने सीधे तौर पर स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच मिलीभगत की आशंका जताई है। ज्ञापन में मांग की गई है कि जो कर्मचारी लंबे समय से एक ही डेस्क पर जमे हुए हैं, उनका तुरंत तबादला किया जाए, क्योंकि प्रशासन कथित तौर पर भ्रष्ट कर्मचारियों को संरक्षण दे रहा है। इसके अलावा, तहसील परिसर में कर्मचारियों के बीच हुई हाथापाई की घटना का जिक्र करते हुए यह सवाल उठाया गया कि अब तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
मामला यहीं नहीं रुकता, वकीलों ने राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए आरक्षित भूखंडों की अवैध बिक्री और उसके बाद संबंधित कानूनी मामलों को खारिज करने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। साथ ही, लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों पर आरोप लगाया गया है कि वे अपने निर्धारित कार्यालय के बजाय निजी आवासों पर वसूली कर रहे हैं। बार एसोसिएशन ने डीएम से आग्रह किया है कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता लौट सके।