रामनगर CHC में समय से पहले गायब हुए डॉक्टर, मरीज परेशान

बाराबंकी जिले के रामनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। बुधवार को स्वास्थ्य केंद्र का जो नजारा सामने आया, उसने प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी। हैरानी की बात यह है कि जहां अस्पताल के संचालन का समय शाम 4:00 बजे तक तय है, वहीं दोपहर 3:00 बजे तक ही कई महत्वपूर्ण विभाग पूरी तरह खाली हो चुके थे। रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लापरवाही का ऐसा मामला सामने आया है जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि डेंटल विभाग का कमरा बंद था। इतना ही नहीं, आयुष और किशोर चिकित्सा वार्डों में भी सन्नाटा पसरा था और वहां तैनात डॉक्टरों का कहीं कोई पता नहीं था। जब ड्यूटी का समय अभी बाकी था, तो सवाल यह उठता है कि मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी कौन उठा रहा था?
कुछ विभाग चालू, लेकिन कई वार्ड मिले खाली
हालांकि, अस्पताल के सभी हिस्से बंद नहीं थे। ओपीडी में डॉ. स्वप्निल सिंह मरीजों को देखते हुए पाए गए और पैथोलॉजी विभाग में भी चार कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के अन्य महत्वपूर्ण वार्डों का खाली होना यह दर्शाता है कि अस्पताल में निगरानी की भारी कमी है।
ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में अगर डॉक्टर समय से पहले ही अपनी ड्यूटी छोड़कर चले जाएं, तो आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस मामले में क्या एक्शन लेते हैं या फिर यह जांच केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी।