बाराबंकी: रामनगर में श्री राम कथा की धूम, बारिश के बीच उमड़े श्रद्धालु

बाराबंकी के रामनगर में आयोजित श्री राम कथा में अतुल कृष्ण भारद्वाज महाराज ने राम जन्म और अहिल्या उद्धार का भावपूर्ण वर्णन किया।

Sushant Singh30 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
बाराबंकी: रामनगर में श्री राम कथा की धूम, बारिश के बीच उमड़े श्रद्धालु

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर में आयोजित हो रही श्री राम कथा इन दिनों भक्ति और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है। शुक्रवार को कथा के चौथे दिन भारी बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने आयोजन में शिरकत की। इस दौरान कथावाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज महाराज ने भगवान श्री राम के बाल्यकाल, नामकरण संस्कार और अहिल्या के उद्धार का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

संस्कारों और धर्म की सीख पर जोर

कथा के दौरान महाराज जी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बचपन में मिले संस्कार ही इंसान के चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि आज समाज में जो बुराइयां दिख रही हैं, उसका मुख्य कारण मूल्य-आधारित शिक्षा की कमी है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो व्यक्ति को धर्म, त्याग और परोपकार की राह दिखाए।

महाराज जी ने काकभुशुंडी की कहानी सुनाते हुए बताया कि कैसे उन्होंने प्रभु श्री राम की बाल लीलाओं को देखने के लिए अवध में पांच साल रहने का संकल्प लिया था। उन्होंने सूरदास के पदों का उल्लेख करते हुए कहा कि काकभुशुंडी कोई साधारण कौआ नहीं थे, बल्कि स्वयं भोलेनाथ भी उनसे श्री राम कथा सुनने आते थे।

कथा में आगे भगवान राम और लक्ष्मण के साथ ऋषि विश्वामित्र के वन गमन, ताड़का, मारीच और सुबाहु के वध का प्रसंग सुनाया गया। अहिल्या उद्धार की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इंसान से गलतियां हो सकती हैं, लेकिन सच्चे मन से पश्चाताप और क्षमा याचना ही मुक्ति का मार्ग है। जिस तरह श्री राम के दर्शन मात्र से पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार हुआ, वैसे ही सच्ची भक्ति से आध्यात्मिक शांति मिलती है।

इस धार्मिक आयोजन में पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोपे, पूर्व विधायक रामगोपाल रावत, अधिवक्ता सतीश चंद्र शुक्ला, रविकांत पांडे, अविरल सिंह, पवन कुमार ओझा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और उन्होंने महाराज जी का आशीर्वाद लिया।

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