अयोध्या: स्कूलों में अनिवार्य हो वैदिक गणित और संस्कृत, राजनाथ सिंह ने जताई इच्छा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय विरासत को जोड़ने की पुरजोर वकालत की है। अयोध्या के रनोपाली स्थित उदासीन आश्रम में आयोजित गुरुपर्व महामहोत्सव के दौरान उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कृत और वैदिक गणित की शिक्षा देना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैदिक गणित की अहमियत दुनिया भर में है और इसे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी पढ़ाया जाता है।
राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि यदि योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बनते हैं, तो उन्हें सभी बच्चों के लिए वैदिक गणित को अनिवार्य कर देना चाहिए। रक्षा मंत्री ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि जब वे शिक्षा मंत्री थे, तब उन्होंने संस्कृत का प्रश्नपत्र अनिवार्य किया था और वैदिक गणित की शुरुआत की थी, लेकिन बाद की सरकारों ने इसे हटा दिया, जिसका उन्हें आज भी दुख है।
आधुनिकता का मतलब केवल अंग्रेजी बोलना नहीं: राजनाथ सिंह
शिक्षा के माध्यम पर चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी सभ्यता की रीढ़ होती है और जब यह संस्कृत जैसी दिव्य भाषा के माध्यम से दी जाती है, तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक होने का अर्थ केवल अंग्रेजी बोलना नहीं है, बल्कि नए दौर की चुनौतियों का सामना करने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता रखना है।
उन्होंने एक ऐसे संतुलित शिक्षा तंत्र की बात की जहाँ छात्र कंप्यूटर कोड के साथ-साथ संस्कृत के श्लोकों को भी समझ सकें और न्याय-मीमांसा के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान का अध्ययन करें। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक शिक्षा को संस्कृत भाषा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अयोध्या की सांस्कृतिक चेतना और संतों के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या से निकला धर्म का सूर्य आज पूरी दुनिया को आलोकित कर रहा है। उन्होंने संतों और गुरुओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि गुरु वह है जो हमें स्वयं का ज्ञान कराता है और जीवन के सही रास्ते दिखाता है। इससे पहले रक्षा मंत्री ने राम मंदिर और हनुमान गढ़ी में दर्शन किए और नारायण संस्कृत महाविद्यालय की नई इमारत का निरीक्षण भी किया।