लखनऊ: राजनाथ सिंह का कांग्रेस पर बड़ा हमला, गिनाए 4 'अक्षम्य अपराध'

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास और वर्तमान तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए पार्टी पर चार ऐसे 'अक्षम्य अपराध' करने का आरोप लगाया, जिन्हें देश कभी नहीं भूल सकता। राजनाथ सिंह ने सीधे तौर पर कांग्रेस को लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों के लिए खतरा बताया है।
रक्षा मंत्री ने कांग्रेस के उन कृत्यों का जिक्र किया जिन्हें उन्होंने अक्षम्य बताया। उन्होंने कहा कि पहला अपराध 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी थी, जिसने लोकतंत्र को सलाखों के पीछे डाल दिया था। दूसरा अपराध 1984 में सिख नागरिकों का नरसंहार था, जिसे कांग्रेस के संरक्षण में अंजाम दिया गया। तीसरा अपराध 1990 में राम भक्त कर सेवकों पर हुई हिंसा के जिम्मेदार लोगों का समर्थन करना था, ताकि उस समय की सरकार को बचाया जा सके। वहीं, चौथा और वर्तमान अपराध उन्होंने संविधान, संवैधानिक मूल्यों और संस्थाओं को कमजोर करने का बताया।
बांग्लादेश जैसी साजिश और राहुल गांधी पर निशाना
राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और इंडिया (INDIA) गठबंधन के साथी इन प्रदर्शनों का इस्तेमाल भारत में 'बांग्लादेश स्टाइल' में शासन परिवर्तन (regime change) के लिए कर रहे हैं, ताकि देश में अराजकता फैलाई जा सके और लोकतांत्रिक स्तंभों को कमजोर किया जा सके।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि वह संविधान को महज एक राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनावी सुधारों की आड़ में युवाओं को राजनीतिक मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। अंत में, उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वह समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना रायबरेली सीट जीत पाते?