राजेश वर्मा फिर बने यूपी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष, सरकार ने जारी किए आदेश

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पूर्व सांसद राजेश वर्मा पर एक बार फिर भरोसा जताया है। सरकार ने राजेश वर्मा को राजेश वर्मा पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के तौर पर दोबारा नियुक्त किया है। इस फैसले के साथ ही अब वे राज्य के पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा और उनके उत्थान के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।
प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं, जिन्हें राज्यपाल की मंजूरी मिली है। राजेश वर्मा को इस जिम्मेदारी के साथ राज्य मंत्री का दर्जा भी दिया गया है। गौरतलब है कि उन्होंने इससे पहले 3 सितंबर 2024 को इस आयोग का कार्यभार संभाला था और अब उन्हें दोबारा इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है।
एक साल का कार्यकाल और आयोग की संरचना
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अध्यक्ष समेत आयोग के सभी सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष के लिए निर्धारित किया गया है। यह अवधि उनके कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी।
आयोग की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के लिए इसमें अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी शामिल हैं। आयोग की संरचना में दो उपाध्यक्षों की भूमिका है, जिनमें मिर्जापुर के सोहनलाल श्रीमाली और रामपुर के सूर्य प्रकाश पाल शामिल हैं। इसके अलावा, आयोग के कामकाज को गति देने के लिए 24 अन्य सदस्य भी नियुक्त किए गए हैं।
राजेश वर्मा, जो सीतापुर से सांसद रह चुके हैं, अब अपनी इस भूमिका में उत्तर प्रदेश के पिछड़े वर्गों के कल्याण और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाएंगे।