प्रतापगढ़: बेन्टी राजभवन में राजा भैया ने किया भव्य शस्त्र पूजन, जुटे सैकड़ों समर्थक

प्रतापगढ़ के कुंडा से विधायक और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह, जिन्हें दुनिया राजा भैया के नाम से जानती है, ने विजयदशमी के पावन अवसर पर अपनी ancestral बेन्टी राजभवन में पारंपरिक राजा भैया शस्त्र पूजन संपन्न किया। इस खास मौके पर बेन्टी राजमहल में समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ा, जिससे पूरा माहौल उत्सव जैसा नजर आया।
इस वार्षिक अनुष्ठान के दौरान एक भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 500 से अधिक बंदूकों और विभिन्न प्रकार के शस्त्रों को मेजों पर सजाया गया था। आचार्य अतुल जी महाराज और अन्य पुजारियों के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इन शस्त्रों का पूजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में राजा भैया के छोटे बेटे बृजराज सिंह के साथ दुर्गेश सिंह और अजीत सिंह ने मुख्य यजमान की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपाल जी और विधायक विनोद सरोज जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद रहे।
राजभवन में विराजे भगवान गणेश
शस्त्र पूजन के अलावा इस दिन एक और विशेष आकर्षण रहा। बेन्टी कोठी के मुख्य प्रवेश द्वार पर भगवान गणेश की एक विशाल और भव्य संगमरमर की प्रतिमा स्थापित की गई, जिसे विशेष रूप से राजस्थान के किशनगढ़ से मंगवाया गया था।
गौरतलब है कि यह दूसरा साल है जब इस परंपरा को इतने सार्वजनिक और भव्य तरीके से मनाया गया है। हालांकि, इस शस्त्र संग्रह को लेकर अतीत में राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह द्वारा उठाए गए कानूनी विवादों की चर्चाएं भी रहीं, लेकिन समर्थकों का कहना है कि प्रदर्शित सभी शस्त्र लाइसेंस प्राप्त हैं और यह केवल एक सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है, जो आर्म्स एक्ट 1959 के नियमों के दायरे में है।
प्रतापगढ़ जिले में शस्त्र पूजन का उत्साह केवल राजभवन तक सीमित नहीं था। इससे पहले 18 अक्टूबर को गौरा ब्लॉक में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा भी शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।